Kinnaur News: तीसरे दिन भी एनएच बंद, किन्नौर में बढ़ने लगी पेट्रोल-डीजल की किल्लत
अब जिले के नाथपा में पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने से सामरिक महत्व का नेशनल हाईवे-पांच तीसरे दिन भी यातायात के लिए अवरुद्ध है।
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प्राकृतिक आपदाओं के मामले में किन्नौर जिला संवेदनशील बना हुआ है। पूर्व में जहां जिले के निगुलसरी में कई दिनों तक यातायात अवरूद्ध रहा, वहीं अब जिले के नाथपा में पहाड़ी से चट्टानें और मलबा गिरने से सामरिक महत्व का नेशनल हाईवे-पांच तीसरे दिन भी यातायात के लिए अवरुद्ध है। ऐसे में जिले के हजारों लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई हैं। हालांकि एनएच प्राधिकरण सड़क बहाली में युद्धस्तर पर जुटा है, लेकिन पहाड़ी से भूस्खलन न रुकने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। तीन दिन से एनएच बाधित होने के कारण जिले में अब पेट्रोल और डीजल किल्लत की समस्या गहराती जा रही है।
जिले के पेट्रोल पंपों में वाहन चालकों को मांग के मुताबिक तेल नहीं मिल रहा, जबकि सांगला स्थित पेट्रोल पंप में लोगों को पेट्रोल और डीजल मिल ही नहीं रहा है। यही नहीं, जिले से देश और प्रदेश की विभिन्न मंडियों के लिए सेब पहुंचाने पहुंचे बड़े वाहन भी एनएच बाधित होने से फंस गए हैं। ऐसे में बागवानों को अपनी फसल छोटे वाहनों में मंडी भेजनी पड़ रही है। एनएच प्राधिकरण अगले दो से तीन दिन में यातायात बहाल करने की संभावना जता रहा है। बहरहाल प्राधिकरण ने किन्नौर की ओर से 25 मीटर, जबकि शिमला से करीब 35 मीटर मार्ग बहाल किया है।
गौर हो कि शनिवार रात करीब दो बजे नाथपा में नेशनल हाईवे पांच में पहाड़ी से भारी भूस्खलन और चट्टानें दरकने के कारण यातायात के लिए अवरुद्ध हो गया था। ऐसे में जहां एनएच पर बड़े और छोटे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई है, वहीं हजारों लोग जान जोखिम में डालकर वैकल्पिक मार्ग प्लींगी वाया निचार होकर सफर कर रहे हैं। निगम की बसों में यात्रियों को ट्रांसमिट कर भेजा जा रहा है। मार्ग बाधित होने के कारण सीमा पर तैनात सेना के जवानों सहित जिले के हजारों लोगों को आवाजाही करना दिक्कतों भरा बना हुआ है।
एनएच बहाली में लग सकते हैं तीन दिन
उधर, नेशनल हाईवे प्राधिकरण के कनिष्ठ अभियंता सतीश जोशी ने बताया कि प्राधिकरण ने किन्नौर की ओर से 25 मीटर, जबकि शिमला की ओर से 35 मीटर सड़क खोल दी गई है। पहाड़ी से भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा, जिस कारण एनएच बहाली में अभी तीन और दिन लग सकते हैं।