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मंडी के अंतिम राजा अशोकपाल सेन का निधन, शोक में डूबी छोटी काशी
Tue, 16 Feb 2021 06:58 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
अमर उजाला नेटवर्क, मंडी
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 16 Feb 2021 06:58 PM IST
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मंडी रिसासत के राजा अशोकपाल सेन का निधन
- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश की मंडी रियासत के अंतिम राजा अशोक पाल सेन (91) का मंगलवार को निधन हो गया। मंडी के राजमहल में उन्होंने सुबह करीब छह बजे अंतिम सांस ली। बुधवार को उनका हनुमान घाट में राजघराने की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा। तब तक उनका पार्थिव शरीर राजमहल में रखा जाएगा, ताकि जनता उनके अंतिम दर्शन कर सके।
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अंतिम राजा होने के चलते अशोक सेन मंडी में ज्यादा लोकप्रिय थे। वह पिछले एक सप्ताह से बहुत बीमार थे और मांडव अस्पताल में उपचाराधीन थे। सोमवार देर रात उनको राजमहल लाया गया। राजा अशोक सेन 1931 में पैदा हुए थे। उनकी पढ़ाई लाहौर में हुई थी। अशोक पाल सेन पूर्व सांसद महेश्वर सिंह के बहनोई थे। बताया जाता है 16वीं सदी की शुरुआत में मंडी अलग राज्य के रूप में उभरा था। महाराजा अजबर सेन ने 1527 ईस्वी में मंडी शहर की स्थापना की थी। राजा अशोक पाल सेन भी इसी वंश के थे।
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उधर, अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के एक माह से भी कम समय में राजा का निधन होने से शिवरात्रि महोत्सव में भी उनके निधन के शोक की झलक जरूर दिखेगी। क्योंकि परंपरा है कि महाशिवरात्रि महोत्सव शुरू होने पर सभी देवता सबसे पहले माधोराय के दरबार में हाजिरी लगाते है, जिसके तुरंत बाद सभी देवी-देवताओं को राज दरबार में भी हाजिरी लगानी पड़ती है। यहां पर देवी-देवताओं का स्वागत राजा की ओर से किया जाता है, लेकिन इस बार राजा के निधन से हर साल यहां पर उनका आशीर्वाद लेने वाले देवलु भी जरूर मायूस होंगे। हालांकि यह बात अलग है कि राजा के सिहांसन पर उनके वंशज भी बैठ सकते हैं। उधर, उनके निधन पर पूरे देव समाज ने शोक जताया है।
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