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धर्मशाला: केसीसीबी की एजीएम में उठा 40 करोड़ रुपये के लोन का मुद्दा

Fri, 26 Nov 2021 09:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 26 Nov 2021 09:19 PM IST
सार

एजीएम में ऊना निवासी को दिए गए 40 करोड़ रुपये के ऋण का मुद्दा भी उठा। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बैंक किसी भी व्यक्ति को करोड़ों रुपये का ऋण दे रहा है, लेकिन उसकी रिकवरी के लिए कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की जा रही है।

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kangra central cooperative bank annual general meeting in Dharamshala
एनुअल जनरल मीटिंग में सवाल पूछते प्रतिनिधि। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक (केसीसीबी) की शुक्रवार को हुई एजीएम (एनुअल जनरल मीटिंग) में 40 करोड़ रुपये लोन देने का मुद्दा खूब उछला। एजीएम में उपभोक्ताओं को ऋण देने और रिकवरी न कर राशि को एनपीए में डालने पर प्रतिनिधियों ने बैंक प्रशासन को घेरा। वहीं बैंक को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए भी प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिए। साथ ही विभिन्न शाखाओं में ग्राहकों को पेश आने वाली दिक्कतों से भी प्रतिनिधियों ने अवगत करवाया। 

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बैंक की एजीएम शुक्रवार को केसीसी बैंक के चेयरमैन राजीव भारद्वाज की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में जहां निदेशक मंडल के अन्य सदस्य मौजूद रहे, वहीं बैंक प्रशासन के उच्चाधिकारियों सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। एजीएम के दौरान प्रदेश भर से आए प्रतिनिधियों ने बैंक को बुलंदियों तक पहुंचाने के लिए कई अहम सुझाव दिए, वहीं बैंक की विभिन्न शाखाओं में उन्हें पेश आने वाली दिक्कतों बारे भी चर्चा की गई।
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एजीएम में ऊना निवासी को दिए गए 40 करोड़ रुपये के ऋण का मुद्दा भी उठा। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि बैंक किसी भी व्यक्ति को करोड़ों रुपये का ऋण दे रहा है, लेकिन उसकी रिकवरी के लिए कोई भी उचित कार्यवाही नहीं की जा रही है। वहीं एक प्रतिनिधि ने यहां तक कहा डाला कि बैंक से दो-तीन लाख रुपये ऋण लेने वाले उपभोक्ताओं को ऋण समय पर न लौटाने की सूरत में बैंक के कर्मचारी तरह-तरह से प्रताड़ित करते हैं।
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लेकिन जो व्यक्ति 40 करोड़ रुपये का ऋण पास करवाता है और उसमें 20 करोड़ रुपये की पहली किस्त लेकर उससे एक ईंट तक नहीं लगाता है, ऐसे डिफाल्टर उपभोक्ता पर बैंक प्रशासन की ओर से कोई उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, बल्कि उसकी रकम को एनपीए में डाला जा रहा है। इसके बाद एजीएम के दौरान बैंक की विभिन्न क्षेत्रों में चल रही शाखाओं में बिजली, प्रिंटर सहित अन्य पेश आने वाली समस्याओं बारे भी चर्चा हुई। वहीं बैंक के चेयरमैन ने सभी प्रतिनिधियों को समस्याओं का हल करने का आश्वासन दिया।

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