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Shimla News: जयराम ठाकुर बोले- कर्मचारी चयन आयोग को बंद करना समस्या का समाधान नहीं
Wed, 22 Feb 2023 08:44 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Feb 2023 08:44 PM IST
सार
शिमला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में जो भी दोषी पाया जाए उसके ऊपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए और जो जांच प्रक्रिया चल रही है उस में विलंब नहीं होना चाहिए।
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जयराम ठाकुर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर कर्मचारी चयन आयोग में जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच प्रक्रिया में विलंब नहीं होना चाहिए। उनकी सरकार से यही मांग है कि कर्मचारी चयन आयोग में 39 कोड के अंतर्गत लगभग 4,000 नौजवानों की भर्ती प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, उनके भविष्य को ध्यान में रखना चाहिए। जल्द से जल्द एक अल्टरनेट मेकेनिज्म सरकार को धरातल पर लेकर आना चाहिए। जैसे-जैसे भर्ती प्रक्रिया में विलंब हो रहा है, वैसे-वैसे युवाओं की उम्र भी बढ़ रही है। कई युवा परीक्षा देने में योग्यता की पात्रता से बाहर हो रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
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जयराम ने सरकार से सवाल पूछा कि कर्मचारी चयन आयोग को बंद करने से क्या समस्या का समाधान हो जाता है। किसी भी संस्था में अगर अनियमितताएं पाई जाएं तो उनको बंद करना समस्या का समाधान नहीं है। सरकार यह भी बताए कि अगर कोई वैकल्पिक प्रक्रिया को खड़ा किया जाता है तो क्या गारंटी है कि वह निष्पक्ष रूप से पारदर्शिता के साथ कार्य करेगी। आज अगर ट्रांसपोर्ट विभाग में एक स्कूटी के नंबर को लेकर अनियमितताएं पाई गईं तो क्या परिवहन विभाग ही बंद कर देंगे।
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अक्तूबर 1998 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल की ओर से हिमाचल प्रदेश में अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड का गठन किया गया था और उसके बाद 2016 में इसका नाम बदलकर कर्मचारी चयन आयोग रखा गया था। इसका गठन इसलिए किया गया था, क्योंकि एक कमेटी की रिपोर्ट आई थी, जिसके अंतर्गत यह पाया गया था कि हिमाचल प्रदेश में क्लास तीन और क्लास चार की भर्तियों में काफी अनियमितताओं का सामना करना पड़ रहा था। इसमें कई प्रकार की धांधली भी हो रही थी। मंडी में महाशिवरात्रि के उत्सव में यह पहली बार है कि किसी मुख्यमंत्री ने एक राजनीतिक भाषण दिया है, यह पहल सराहनीय नहीं है।
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