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शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला: जांचे जाएंगे स्कूलों के लिए चयनित दो हजार किताबों के आईएसबीएन

Fri, 10 Sep 2021 10:40 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 10 Sep 2021 10:40 PM IST
सार

प्रदेश में बीते चार माह से किताब खरीद मामले को लेकर विवाद चल रहा है। बीते दिनों मानसून सत्र के दौरान भी देश के कई प्रकाशकों ने चौड़ा मैदान शिमला में प्रदर्शन कर शिक्षा विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। शिक्षा सचिव ने शुक्रवार को बैठक कर चयनित की गई सभी किताबों के आईएसबीएन की जांच करने का फैसला लिया। 

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ISBN of two thousand books selected for schools will be checked, Education Department has taken a big decision
किताबें(प्रतीकात्मक) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों के लिए खरीदी जाने वाली करीब दो हजार पुस्तकों के आईएसबीएन (इंटरनेशनल स्टेंडर्ड बुक नंबर) जांचे जाएंगे। किताब खरीद मामला विवादित होने के बाद शिक्षा विभाग ने यह बड़ा फैसला लिया है। जांच के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को किताबों के नंबरों की सूची भेजी जाएगी। शुक्रवार को शिक्षा सचिव राजीव शर्मा की अध्यक्षता में किताब खरीद प्रक्रिया को लेकर बैठक हुई। इसमें समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक वीरेंद्र शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश में बीते चार माह से किताब खरीद मामले को लेकर विवाद चल रहा है। बीते दिनों मानसून सत्र के दौरान भी देश के कई प्रकाशकों ने चौड़ा मैदान शिमला में प्रदर्शन कर शिक्षा विभाग पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था। 

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शिक्षा सचिव ने शुक्रवार को बैठक कर चयनित की गई सभी किताबों के आईएसबीएन की जांच करने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पुस्तक को उसका अपना अनूठा संख्यांक (सीरियल नंबर) देने की विधि को आईएसबीएन कहा जाता है। इस संख्यांक द्वारा विश्व में छपी किसी भी किताब को खोजा जा सकता है। उसके बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है। फैसला लिया गया है कि 49 चयनित फर्मोें की दो हजार पुस्तकों के इन नंबरों की शिक्षा मंत्रालय से जांच करवाई जाएगी। अगर किसी पुस्तक का नंबर सही नहीं पाया गया तो उसे शार्ट लिस्ट नहीं किया जाएगा। इसके अलावा प्रकाशकों के इन्कम टैक्स रिटर्न, जीएसटी और पैन नंबर भी जांचे जा रहे हैं। सरकारी क्षेत्र में इन प्रकाशकों ने कहां-कहां किताबें बेची हैं। इसे देखा जा रहा है।
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नेशनल बुक ट्रस्ट से भी किताबें खरीदने का फैसला
शिक्षा सचिव ने बताया कि पुस्तकालयों के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट से भी 25 फीसदी डिस्काउंट पर किताबें खरीदने का फैसला लिया गया है। किताबों की खरीद के बजट में यह स्पष्ट होता है कि सरकारी एजेंसी से भी किताबें खरीदना जरूरी होता है। इस बाबत अगले सप्ताह अंतिम फैसला ले लिया जाएगा।

डिस्काउंट लेने के जांचेंगे आरआरआरएलएफ की नीति
प्रकाशकों से डिस्काउंट लेने के लिए शिक्षा विभाग भारत सरकार से संबंधित राजा राममोहन राय लाइब्रेरी फाउडेंशन की नीति पर भी मंथन करेगी। फाउंडेशन किताबों की संख्या अनुसार डिस्काउंट तय करती है। 

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