शिमला: जेपी नड्डा की सुरक्षा में चूक की जांच शुरू, बिलासपुर पहुंचे एडीजीपी
एसपी बिलासपुर एसआर राणा ने इस प्रकरण की सारी रिपोर्ट एडीजी तिवारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में बताया है कि पुलिस कांस्टेबलों के परिजनों को आश्वस्त किया गया था कि जब नड्डा दिल्ली के लिए लौटेंगे तो शाम 4:00 बजे वे लुहणू में उनसे मिल सकते हैं।
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सुरक्षा में चूक के मामले की जांच एडीजी कानून व्यवस्था अशोक तिवारी ने शुरू कर दी है। तिवारी ने सोमवार को बिलासपुर पहुंचकर पुलिस अफसरों से नड्डा के सुरक्षा प्लान की जानकारी ली। इसके बाद पुलिस कर्मियों की तैनाती और हंगामा करने वाले कांस्टेबलों के परिजनों के आने के बाद हुए पूरे घटनाक्रम को बारीकी से समझा। उन्होंने कई पुलिस कर्मियों के बयान भी दर्ज किए। सोशल मीडिया पर उपलब्ध घटनाक्रम से जुड़े वीडियो को भी खंगाला। जांच पूरी करने के बाद तिवारी मंगलवार को डीजीपी संजय कुंडू को रिपोर्ट सौंपेंगे। वहीं, एसपी बिलासपुर एसआर राणा ने इस प्रकरण की सारी रिपोर्ट एडीजी तिवारी को सौंप दी है।
रिपोर्ट में बताया है कि पुलिस कांस्टेबलों के परिजनों को आश्वस्त किया गया था कि जब नड्डा दिल्ली के लिए लौटेंगे तो शाम 4:00 बजे वे लुहणू में उनसे मिल सकते हैं। लेकिन परिजनों ने नड्डा के पहुंचते ही उनके काफिले को रोक लिया, जो कानून की दृष्टि से गलत था। इसी वजह से उक्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी है। कानून का उल्लंघन करने वाले सभी लोगों की छानबीन शुरू कर दी गई है। पता किया जा रहा है कि इनके परिवार से कौन लोग पुलिस में कार्यरत हैं। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सूत्रों का कहना है कि दोनों रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सुरक्षा में हुई चूक के संबंध में कुछ पुलिस कर्मियों पर गाज गिर सकती है।
संशोधित पे बैंड के लिए रोका था काफिला
बिलासपुर में बीते रविवार को जेपी नड्डा लुहणू मैदान से एम्स के लिए रवाना हुए तो गेट पर पुलिस कांस्टेबलों के परिजनों ने संशोधित पे बैंड को लेकर ‘जस्टिस फॉर एचपी पुलिस’ के पोस्टर लेकर उनकी गाड़ी को घेर लिया था। उन्होंने नड्डा को ज्ञापन भी सौंपा। कहा कि प्रदेश सरकार से उम्मीद खत्म हो गई है। ये लोग नड्डा के आने से दस मिनट पहले ही गेट पर पहुंच गए थे।
कांस्टेबलों के संशोधित पे बैंड के लिए कमेटी गठित ने शुरू किया काम
सरकार के गले की फांस बन चुके वर्ष 2015 के बाद भर्ती हजारों पुलिस कांस्टेबलों को संशोधित पे बैंड देने के मुद्दे को आधिकारिक रूप से सरकार के पास भेजने के लिए पुलिस मुख्यालय में गठित कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। कमेटी के पास अब तक करीब सौ से ज्यादा प्रस्ताव पहुंचे हैं। इनका अध्ययन कर कमेटी पुलिस एक्ट, रूल और सरकार के निर्देशों और पुरानी व्यवस्थाओं के अनुसार सिफारिश करेगी। इसमें अन्य विभागों और प्रदेशों में अपनाई जाने वाली नीतियों का भी अध्ययन किया जाएगा। कमेटी को एक हफ्ते के भीतर यह सभी काम कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
बता दें, 24 नवंबर से पुलिस कर्मी मेस के बहिष्कार पर अड़े हैं। 28 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर सैकड़ों नाराज पुलिस कर्मियों ने अपनी मांग तक रख दी, लेकिन तब भी पुलिस मुख्यालय हरकत में नहीं आया। रविवार को बिलासपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने कांस्टेबलों के परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस मुख्यालय की नींद टूटी और आननफानन में उसने आईजी सीटीएस आनंद प्रताप सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी में सिंह के अलावा आईजी एडमिन डीके यादव, आईजी एपीएंडटी जेपी सिंह और पीएचक्यू के उप वित्त नियंत्रक विकास गुप्ता को सदस्य बनाया गया है।