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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   IGMC Shimla: Tumor removed from the left side of the patient's brain by performing an operation without anesthesia

आईजीएमसी शिमला: बेहोश किए बिना ऑपरेशन कर मरीज के दिमाग के बाएं हिस्से से निकाला ट्यूमर

Sat, 28 Aug 2021 08:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 28 Aug 2021 08:19 PM IST
सार

आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इसकी पुष्टि की है।  जिला शिमला के ठियोग के बणी के 34 वर्षीय मरीज के दिमाग के बांए हिस्से में ट्यूमर था। बीते जुलाई में बीमारी का पता लगने के बाद इन्हें आईजीएमसी लाया गया। 

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IGMC Shimla: Tumor removed from the left side of the patient's brain by performing an operation without anesthesia
आईजीएमसी में बेहोश किए बिना ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में अवेक क्रेनियोटॉमी तकनीक से मरीज के ब्रेन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन किया गया है। इस विधि से अस्पताल में यह पहला ऑपरेशन किया गया है। न्यूरो सर्जरी और एनेस्थीसिया विभाग के चिकित्सकों ने बीएचयू और पीजीआई के सर्जनों से जानकारी एकत्र कर यह ऑपरेशन किया है। अस्पताल में करीब चार घंटों तक मरीज से बात करते हुए यह सफल ऑपरेशन किया गया।

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ऑपरेशन के दौरान मरीज पूरी तरह होश में रहा और डॉक्टरों द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करता रहा। यह मरीज अब स्वस्थ है। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज ने इसकी पुष्टि की है।  जिला शिमला के ठियोग के बणी के 34 वर्षीय मरीज के दिमाग के बांए हिस्से में ट्यूमर था। बीते जुलाई में बीमारी का पता लगने के बाद इन्हें आईजीएमसी लाया गया। मरीज को दौरे पड़ रहे थे। 21 अगस्त को मरीज को दाखिल किया गया। यहां पर अवेक क्रेनियोटॉमी तकनीक से ऑपरेशन व उसकी जटिलताओं संबंधी जानकारी को लेकर काउंसलिंग की गई। इसके बाद मरीज का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा। 
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क्या है अवेक क्रेनियोटॉमी 
अवेक क्रेनियोटॉमी सर्जरी की वह प्रक्रिया है, जिसमें मरीज को ऑपरेशन के दौरान पूरी तरह से बेहोश नहीं किया जाता। डॉक्टर इस प्रक्रिया को इस वजह से चुनते हैं ताकि वे सर्जरी के दौरान मरीज से बातचीत करते रहें और उनकी मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी लेते रहें। अस्पताल में किए इस ऑपरेशन के दौरान न्यूरो सर्जन व उनकी टीम मरीज को हाथ व पैरों को हिलाने के निर्देश देते रहे, जिसे मरीज ने समझा और उस तरह की हरकत की।
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इस टीम ने किया ऑपरेशन 
आईजीएमसी के एमएस डॉ. जनक राज, डॉ. ज्ञान, डॉ. विनीत, डॉ. विक्रम, एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. अजय सूद, डॉ. रमेश, डॉ. मनोज, ऑपरेशन थियेटर असिस्टेंट अनिल शांडिल और स्टाफ नर्स अनीता ऑपरेशन करने वाली टीम में शामिल रहे।

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