फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HRTC Driver Kamal Lights Pyre of father after dropping passengers at destination

Sirmour News: कमल ने पहले फर्ज निभाया, यात्रियों को मंजिल तक पहुंचाया, फिर किया पिता का अंतिम संस्कार

Fri, 01 Sep 2023 06:14 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/रोनहाट (सिरमौर)
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन/रोनहाट (सिरमौर) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Fri, 01 Sep 2023 06:14 PM IST
सार

कमल ने आंसू पोंछे और बोला कि बस में बैठे लोग भी किसी न किसी मजबूरी और जरूरी काम से जा रहे होंगे। सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर ही पिता का अंतिम संस्कार करूंगा।

विज्ञापन
HRTC Driver Kamal Lights Pyre of father after dropping passengers at destination
चालक कमल ठाकुर। - फोटो : संवाद

विस्तार

घर से बार-बार फोन आते रहे, लेकिन जिम्मेदारी ऐसी थी कि बस चलाते वक्त फोन नहीं उठा सके। ददाहू अड्डे पर बस रोककर घर फोन किया तो पता चला कि पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे। यह खबर सुनने के बाद चालक कमल ठाकुर की आंखों में आंसू थे और दिल में पिता को हमेशा के लिए खोने की अथाह पीड़ा। सोचिये... ऐसी खबर सुनकर चालक की क्या मनोस्थिति रही होगी। घर का इकलौता चिराग होने के बावजूद चालक ने धैर्य नहीं खोया। करीब 100 किलोमीटर बस चलाकर अपनी मंजिल तक सवारियां छोड़ने के बाद पिता का अंतिम संस्कार किया।

विज्ञापन


दरअसल, शिलाई उपमंडल के रोनहाट गांव के कमल ठाकुर वीरवार सुबह 6:00 बजे नाहन-कूहंट रूट पर बस लेकर निकले थे। सब कुछ सामान्य था। नाहन से ददाहू तक के 35 किलोमीटर रास्ते पर सफर करते हुए उनको घर से कई बार फोन आए, लेकिन फोन नहीं उठा सके। ददाहू बस अड्डे पहुंचने पर उन्हें पिता टेकचंद ठाकुर के देहांत की जानकारी मिली। परिचालक सचिन को जैसे ही ये बात पता चली तो उन्होंने तुरंत टैक्सी वाले को बुलाया और कमल को बस छोड़कर टैक्सी से घर जाने की बात कही। कहा कि घर में आपका सभी इंतजार कर रहे होंगे।
विज्ञापन


टैक्सी लेने से ठीक पहले अचानक कमल ने पीछे मुड़कर बस की तरफ देखा जो बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य सवारियों से पूरी भरी थी और परिचालक से पूछा, अब इस बस को गंतव्य तक कौन पहुंचाएगा। इस बस के लिए चालक की व्यवस्था नहीं हो सकेगी। कमल ने आंसू पोंछे और बोला कि बस में बैठे लोग भी किसी न किसी मजबूरी और जरूरी काम से जा रहे होंगे। सवारियों को गंतव्य तक पहुंचाकर ही पिता का अंतिम संस्कार करूंगा। इस बात को सुनने के बाद परिचालक की आंखें भी नम हो गईं। सवारियों को भी जब यह बात पता चली तो उनका दिल पसीज गया। उधर, निगम के उपमंडलीय प्रबंधक संजीव बिष्ट ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है। ऐसे कर्तव्यनिष्ठ चालक को निगम सम्मानित करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed