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हिमाचल में 18 अक्तूबर को नहीं चलेंगी एचआरटीसी की बसें, जेसीसी ने लिया फैसला

Wed, 13 Oct 2021 05:28 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 13 Oct 2021 05:28 PM IST
सार

 संयुक्त समन्वय समिति  के सचिव खेमेंद्र गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी न किए जाने से 18 अक्तूबर को एक दिन काम छोड़ो आंदोलन (हड़ताल) पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के लंबित वित्तीय लाभ जारी न करना, कर्मचारियों से बैठक न करना चुनाव आचार संहिता के दायरे में आने की बात कही जा रही है। 

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hrtc bus services will remain closed in Himachal Pradesh on October 18, JCC has decided
हिमाचल परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) कर्मचारियों की संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) ने 18 अक्टूबर को प्रदेश में परिवहन सेवाएं बंद करने का फैसला लिया है। वेतन और अन्य वित्तीय लाभ जारी न किए जाने के लेकर यह निर्णय लिया गया है। 17 अक्टूबर तक यूनिटों को गेट मीटिंग (प्रदर्शन) चलते रहेंगे। परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष प्यार सिंह ठाकुर ने प्रेसवार्ता में कहा कि कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर परिवहन कर्मचारी पिछले दो माह से आंदोलन कर रहे हैं। निगम कर्मचारियों और पेंशनरों की लगभग 582 करोड़ के वित्तीय लाभ की देनदारियां वर्षों से लंबित हैं। इसमें डीए, आईआर, चालक परिचालकों का ओवर टाइम, चिकित्सा बिलों का भुगतान, पेंशनरों को समय पर पेंशन जारी करना शामिल है। 

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हालात यह हो गए है कि बिना आंदोलन किए निगम प्रबंधन की ओर से वित्तीय लाभ नहीं दिए जाते हैं।

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समिति के सचिव खमेंद्र गुप्ता ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित वित्तीय लाभ जारी न किए जाने से 18 अक्तूबर को एक दिन काम छोड़ो आंदोलन (हड़ताल) पर जा रहे हैं। निगम प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों के रुके वित्तीय लाभ जारी न करना,  कर्मचारियों से बैठक न करना चुनाव आचार संहिता के दायरे में आने की बात कही जा रही है। यह सभी पुराने वित्तीय लाभ हैं, लेकिन इन्हें जारी नहीं किया जा रहा है। इस अवसर पर प्रवक्ता संजय कुमार, कोषाध्यक्ष जगदीश चंद, हरीश पराशर, टेक चंद, विनोद कुमार, मिलाप चंद, बाल कृष्ण, पदम सिंह, समर चौहान, देस राज, राय सिंह, धनी राम, सुख राम, प्रेम सिंह, अनित कुमार, ऋषि लाल, गोपाल लाल, देवी चंद, मनोज कुमार, नवल किशोर, टेक चंद, पूर्ण चंद, विजय कुमार ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता में चिंता व्यक्त की है। 
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यह हैं समिति की मुख्य मांगें
एचआरटीसी को रोडवेज का दर्जा देना, भ्रष्टाचार में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई, पीसमील कर्मचारियों को एकमुश्त अनुबंध पर लाना, चालकों का पूर्व की भांति 9880 रुपये वेतनमान बहाल करना, परिचालकों को वेतनमान और एसीपी स्कीम का लाभ देना, निगम में रिक्त पड़े पदों को शीघ्र भरना, वैट लीज पर चल रही बसों को बंद करना, पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करना। 

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