Himachal: चंबा में 67 मेगावाट की चार बिजली परियोजनाओं का निर्माण करेगा बोर्ड, हस्ताक्षरित हुआ समझौता ज्ञापन
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि नई परियोजनाएं मिलने से हिमाचल में सालाना 281 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन शुरू होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड करीब दस वर्षों बाद नई बिजली परियोजनाओं का निर्माण करेगा। बोर्ड को चंबा में 67 मेगावाट की चार बिजली परियोजनाओं का निर्माण कार्य मिल गया है। इसके लिए जर्मनी का केएफडब्ल्यू बैंक 666 करोड़ की वित्तीय सहायता देगा। सोमवार को इस बाबत नई दिल्ली में भारत सरकार और जर्मनी के बैंक के बीच समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित हुआ। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने बताया कि नई परियोजनाएं मिलने से हिमाचल में सालाना 281 मिलियन यूनिट अतिरिक्त बिजली उत्पादन शुरू होगा। जिला चंबा के तीसा क्षेत्र में बनने वाली यह चार परियोजनाएं साई कोठी प्रथम (15 मेगावाट), साई कोठी द्वितीय (18 मेगावाट), देवी कोठी (16 मेगावाट) और हेल (18 मेगावाट) हैं। समझौते के तहत 80 मिलियन यूरो (लगभग 654 करोड़ रुपये) की वित्तीय सहायता राशि के साथ-साथ 1.5 मिलियन यूरो (लगभग 12 करोड़ रुपये) का वित्तीय अनुदान शामिल है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इन परियोजनाओं से अतिरिक्त बिजली उत्पादन उपलब्धता के अलावा, राज्य के लोगों को विशेष रूप से चंबा जिले के दूरदराज के परियोजना प्रभावित लोगों को रोजगार मिलने में भी मदद मिलेगी। परियोजनाओं के निर्माण क्षेत्रों में सड़क और ग्रिड नेटवर्क जहां मजबूत होगा वहीं बेहतर बुनियादी सुविधाओं के कारण क्षेत्रों की आबादी की आजीविका में वृद्धि भी होगी। बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढ़वाल ने बताया कि परियोजनाओं का निर्माण बोर्ड की ओर से केएफडब्ल्यू डेवलपमेंट बैंक जर्मनी की वित्तीय सहायता से हिमालय में जलविद्युत कार्यक्रम के तहत निष्पादित किया जाना है। राज्य जल्द ही एक हरित ऊर्जा राज्य के रूप में उभरेगा। मंगलवार को जर्मनी के बैंक और प्रदेश सरकार के बीच शिमला में समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जाएगा।