एचएएस परीक्षा का परिणाम घोषित, मंडी जिले के निशांत टॉपर, दूसरे स्थान पर संकल्प
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हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने मंगलवार को एचएएस परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया। परीक्षा में मंडी जिले के थुनाग क्षेत्र के निशांत कुमार ने टॉप किया है, जबकि इसी जिले के सुंदरनगर के संकल्प गौतम दूसरे स्थान पर रहे हैं।
आयोग ने एचएएस और अन्य पदों की इस परीक्षा में 23 अधिकारियों का चयन किया है। इनमें एचएएस अधिकारी के तौर पर तीन का चयन हुआ है। इनमें निशांत और संकल्प सामान्य श्रेणी से हैं, जबकि करतार चंद ओबीसी और पूर्व सैनिक कोटे से चयनित हुए हैं।
ये बने बीडीओ, कोषाधिकारी और ईटीओ
अभिषेक, विनीत कुमार, अंकित कोटिया, कंवर तन्मय, भानुप्रताप सिंह ठाकुर, ओशिन शर्मा और अनिल कुमार बीडीओ बने हैं। गिरिजा मनकोटिया और दाउलिम डीटीओ, मोहित शुक्ला और निपुण कश्यप ईटीओ, प्रत्यूष चौहान सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं बने हैं।
राकेश ठाकुर, रविंद्र ठाकुर, देवेंद्र कुमार, हेम राज, रोहित ठाकुर, अंकज शर्मा और सार्थक कोषाधिकारी चयनित हुए हैं। रोहित कंवर तहसीलदार बने हैं। राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष मेजर जनरल डीवीएस राणा और सचिव राखिल काहलो ने बताया कि आयोग ने रिकॉर्ड नौ माह में एचएएस परीक्षा की प्रक्रिया पूरी की है। साल में दो बार एचएएस परीक्षा परिणाम निकाला है।
एचएएस की परीक्षा में प्रदेश भर में अव्वल रहकर सीएम के गृहक्षेत्र का डंका बजाने वाले निशांत महज चार घंटे पढ़ाई करते थे। उनका कहना है कि गांव में रहकर ही उन्होंने परीक्षा की तैयारी की। कम पढ़ते थे, लेकिन जितना पढ़ते थे ध्यान केंद्रित करके पढ़ाई में जुटते थे। साथ ही रोजाना अखबार और टीवी के माध्यम से करंट अफेयर्स से अपडेट रहते थे।
उन्होंने बताया कि एसवीएम कुल्लू में दसवीं, मोहल कुल्लू में जमा दो, कुल्लू कालेज में स्नातक, फिर लॉ और फिर हिमाचल सेवा में बीडीओ का पद हासिल करने के बाद उसे छोड़ एचएएस पास कर मां बाप का नाम रोशन किया। अध्यापकों का मार्गदर्शन और कुछ बनने की लगन ने आज भविष्य सुरक्षित किया।
निशांत ने गांव मे रहकर पढ़ाई कर पीछे मुड़कर नही देखा। निशांत कहते हैं कि उनके पिता स्टेट सीआईडी में और दीदी मेडिकल कॉलेज में नर्स तथा मां घर की देखवाली करती हैं। सराज में एचएएस की ताजपोशी होने से लोगों में खुशी की लहर है। सीएम जयराम ठाकुर ने निशांत को बधाई दी है। उन्होंने युवाओं से लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने और एकाग्रता से पढ़ाई करने की सलाह दी है।
निशांत की माता आशा कुमारी का कहना है कि उनके बेटे की मेहनत रंग लाई है और परिवार में खुशी की लहर है। पिता राजेंद्र सिंह का कहना है कि समाज सेवा उनका लक्ष्य था और बेटे ने भी इसी लक्ष्य को अपनाया है। प्रशासनिक सेवाओं का उसे क्रेज था जिसे कड़ी मेहनत से पूरा किया है। इस उपलब्धि से पूरे सराज और मंडी जिला का कद और ऊंचा हुआ है।
एचएएस की परीक्षा में प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर रहे सकंल्प गौतम को प्रशासनिक सेवा का जुनून है। उनका कहना है कि इसी जुनून की बदौलत यह मुकाम हासिल किया है। दुबई में दो लाख रुपये प्रतिमाह की नौकरी छोड़कर पढ़ाई की और इस जुनून का परिणाम सबके सामने है। संकल्प के पिता शिमला में नायब तहसीलदार के पद पर कार्यरत हैं।
बारहवीं तक की पढ़ाई सेंट मैरी स्कूल सुंदर नगर, डीएवी शिमला और एमएलएसएम सुंदर नगर से की जिसके उपरांत उन्होंने सुंदरनगर स्थित राजकीय जवाहरलाल नेहरू इंजीनियरिंग संस्थान से बीटेक की डिग्री ली और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से एमटेक की पढ़ाई की। उनका कहना है कि अगर लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें तो कामयाबी कदम चूमती है।
शुरू से ही प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा थी हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा में दूसरा स्थान हासिल करने के साथ ही वह एसडीएम के पद के लिए चयनित हो गए हैं। संकल्प की दादी गिरिजा गौतम सुंदरनगर नगर परिषद की पूर्व अध्यक्ष रही हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनके घर पर भी बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ है।
संकल्प गौतम के पिता उमेश गौतम ने बताया की संकल्प ने आईएएस की परीक्षा भी दे रखी है। जिसका रिजल्ट माह भर में आने वाला है। संकल्प उसमें भी चयनित होने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्घि से संकल्प ने परिवार का और मंडी जिला का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है।