HP Cabinet Decisions: घरेलू कामकाजी महिलाओं को सुख सम्मान निधि, नई होम स्टे नीति और 422 बस रूटों को मंजूरी
मंगलवार को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित की गई मंत्रिमंडल की बैठक में भी कई बड़े फैसले लिए गए।
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठकें लगातार दो दिन चलीं। मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में घरेलू कार्य करने वाली महिलाओं को इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। जिन महिलाओं ने घरेलू सहायिका के रूप में न्यूनतम 100 दिन कार्य किया है, वह महिलाएं अब इस योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए पात्र होंगी। इसके अलावा इन महिलाओं की 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की बेटियां भी इस योजना के तहत पात्र होंगी और उन्हें 1500 रुपये प्रति माह पेंशन के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
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प्राकृतिक रूप से उगाई फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल ने राज्य में प्राकृतिक पद्धति से तैयार की गई फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि को मंजूरी दी है। इस पद्धति से तैयार गेहूं के एमएसपी को 40 से बढ़ाकर 60 रुपये व मक्की के एमएसपी को 30 से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति किलोग्राम करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, प्राकृतिक रूप से उगाई गई कच्ची हल्दी के लिए 90 रुपये प्रति किलोग्राम और जिला चंबा के पांगी खंड में उगाए गए जौ के लिए 60 रुपये प्रति किलोग्राम एमएसपी को मंजूरी प्रदान की गई है। पांगी को राज्य का पहला प्राकृतिक खेती उप मंडल घोषित करने का भी निर्णय लिया गया।

निजी ऑपरेटरों केा 422 स्टेज कैरिज रूट आवंटित होंगे
बैठक में राज्य के लोगों को बेहतर परिवहन सेवाएं उपलब्ध करवाने और बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निजी ऑपरेटरों को बसों के 422 स्टेज कैरिज रूट आवंटित करने को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल ने सड़कों के किनारे गाड़ियां पार्क करने और ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए जहां व्यवहारिक हो, उन बंद बेसमेंट फ्लोर को पार्किंग सुविधा के लिए खोलने को मंजूरी दी। यदि निर्धारित पार्किंग फ्लोर का उपयोग पार्किंग के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया तो उल्लंघनकर्ता पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और फ्लोर को पार्किंग के लिए बहाल करना होगा।
हमीरपुर मेडिकल काॅलेज में तीन नए विभाग, 118 भरे जाएंगे
मंत्रिमंडल ने डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर में नेफ्रोलॉजी, न्यूरोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभागों को शुष् करने तथा उनके सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के 118 पदों को सृजित कर भरने को मंजूरी दी। बैठक में राज्य के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के अंतर्गत 43 विभिन्न तकनीकी पदों को भरने का निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल ने हमीरपुर जिले के सुजानपुर में जल शक्ति विभाग का एक नया मंडल खोलने का निर्णय लिया।
नई होम स्टे नीति को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने नई होम स्टे नीति को मंजूरी दी। साथ ही चंबा जिला के पांगी उप-मंडल में होमस्टे के लिए पंजीकरण शुल्क मानक दर का 50 प्रतिशत निर्धारित करने का निर्णय लिया। नई होम स्टे नीति के तहत होम स्टे की तीन श्रेणी सिल्वर, गोल्ड व डायमंड बनाई गई हैं। जिन होम स्टे के कमरे का किराया 1 हजार रुपये से कम होगा, उनमें जीएसटी नहीं लगेगा। पुराने होम स्टे को भी जीएसटी में छूट मिलेगी।
आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र होगा स्तरोन्नत
मंत्रिमंडल ने कांगड़ा जिला के जयसिंहपुर विधानसभा क्षेत्र के कोसरी में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले आयुर्वेदिक अस्पताल में स्तरोन्नत करने तथा आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को भी मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमंडल ने ऊना जिला के पंजावर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्तरोन्नत करने और आवश्यक पदों को सृजित कर भरने को मंजूरी दी।
नवगठित 14 नगर पंचायतों व तीन एमसी में पानी की दरों में राहत
मंत्रिमंडल ने नवगठित 14 नगर पंचायतों सहित हमीरपुर, ऊना एवं बद्दी के स्तरोन्नत नगर निगमों के विलय किए गए क्षेत्रों के साथ नादौन व बैजनाथ-पपरोला नगर परिषदों के निवासियों को जल शुल्क में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। इस निर्णय में हाल ही में ज्वालामुखी, देहरा, पांवटा-साहिब नगर परिषदों तथा ज्वाली नगर पंचायत में विलयित क्षेत्र भी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अगले तीन वर्षांे तक ग्रामीण दरों पर जल शुल्क लिया जाएगा।
इन आईटीआई के विलय को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने सात स्टेट ऑफ आर्ट (एसओए) औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) को अन्य आईटीआई में और सात महिला आईटीआई को राज्य के अन्य विभिन्न आईटीआई में विलय करने की मंजूरी दी। इसमें आईटीआई घुमारवीं, आईटीआई गरनोटा, आईटीआई शमशी, आईटीआई सुन्नी, आईटीआई पांवटा साहिब, आईटीआई गगरेट का भद्रकाली और आईटीआई सुंदररनगर का विलय किया गया है। मंत्रिमंडल ने राजकीय आईटीआई बिलासपुर (महिला), आईटीआई नाहन (महिला), आईटीआई चंबा (महिला) ,आईटीआई रिकांगपिओ (महिला), आईटीआई मंडी (महिला), आईटीआई शिमला (महिला) और आईटीआई ऊना (महिला) का विलय को स्वीकृति दी।