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आउटसोर्स कर्मियों पर तपा सदन, मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का वाकआउट
Wed, 11 Mar 2020 12:18 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 11 Mar 2020 12:18 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश के विभिन्न विभागों में कार्यरत करीब 30 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों के मामले पर विधानसभा में बुधवार को खूब हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान आउटसोर्स कर्मियों का शोषण करने का एक-दूसरे पर आरोप लगाते हुए सत्तापक्ष-विपक्ष के विधायकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मियों का शोषण तो कांग्रेस ने किया। कांग्रेस ने सत्ता से विदाई की शहनाई बजने के समय पीटरहॉफ में ‘सातवीं बार राजा साहब’ के नारे इनसे लगवाए थे।
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चांदी के मुकुट पहने थे। कांग्रेस में मामले का समाधान करने की इच्छा नहीं थी। सिर्फ इनके नाम पर कांग्रेस ने राजनीति की। इस दौरान सीएम ने गाना गाया ‘बाबुल की दुआएं लेते जा, जा तुझको सुखी संसार मिले।’ उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में शोषण की कोई गुंजाइश नहीं है। मुख्यमंत्री के इस जवाब से गुस्साए कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर दिया।
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कांग्रेस विधायक इंद्र दत्त लखनपाल ने आउटसोर्स कर्मियों की वेतन विसंगतियों का मामला उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया कि यह सेवा प्रदाता कंपनी के कर्मचारी होते हैं। संबंधित कंपनी निर्धारित दर से कर्मियों को मानदेय देती है। सरकार ने इनका मानदेय दो हजार तक बढ़ाया। इन्हें यात्रा भत्ता, दैनिक भत्ता तथा चिकित्सा अवकाश देने के अलावा महिला कर्मियों को मातृत्व अवकाश दिया जा रहा है।
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मासिक मजदूरी की पे स्लिप दी जा रही है। बीते साल विभिन्न विभागों में 17 हजार और इस साल 20 हजार को नौकरी देने का प्रावधान है। ऐसे में इनके लिए भर्तियों में शामिल होने का सुनहरा मौका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन कर्मियों का प्रदेश के विकास में बड़ा योगदान है। कांग्रेस विधायक लखनपाल ने कहा कि सीएम का जवाब विश्वास भरा है, लेकिन जिम्मेवारी वाला नहीं।
कर्मियों की देखरेख के लिए एजेंसी बनाई जानी चाहिए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने इनके लिए नीति बनाने की मांग की। माकपा विधायक राकेश सिंघा ने इनको नियुक्ति पत्र देने की मांग की। उन्होंने बिजली बोर्ड द्वारा चंबा में कर्मियों को नौकरी से निकालने का मामला भी उठाया।
कांग्रेस में झलक रही मध्य प्रदेश की निराशा
कांग्रेस विधायकों के वाकआउट करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन्हें तो बाहर जाना ही था। मैं सुबह से इन्हें देख रहा हूं। मध्य प्रदेश की निराशा इनमें साफ झलक रही है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के पत्र को हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तो साफ हो गया है कांग्रेस में रहते हुए काम करना मुश्किल हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष के प्रति भी इनका व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।