फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   HP Assembly byelection: Lahaul-Spiti, Dharamshala bypolls become triangular with Markanda and Chaudhary in the

HP Assembly byelection: मारकंडा और चौधरी के मैदान में होने से त्रिकोणीय बना लाहौल-स्पीति, धर्मशाला उपचुनाव

Sat, 18 May 2024 11:52 AM IST
Krishan Singh अनिमेष कौशल, शिमला
अनिमेष कौशल, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 18 May 2024 11:52 AM IST
सार

असंतुष्ट नेताओं के चुनाव लड़ने से जहां भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं वहीं अपना वोट बैंक बनाए रखना कांग्रेस के लिए भी चुनौती से कम नहीं है। 

विज्ञापन
HP Assembly byelection: Lahaul-Spiti, Dharamshala bypolls become triangular with Markanda and Chaudhary in the
पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा, राकेश चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भाजपा के दो बागी नेताओं रामलाल मारकंडा और राकेश चौधरी के चुनावी मैदान में उतरने से लाहौल-स्पीति और धर्मशाला के उपचुनाव त्रिकोणीय बन गए हैं। इन दो असंतुष्ट नेताओं के चुनाव लड़ने से जहां भाजपा की मुश्किलें बढ़ गई हैं वहीं अपना वोट बैंक बनाए रखना कांग्रेस के लिए भी चुनौती से कम नहीं है। मारकंडा और चौधरी के मान-मनौव्वल के लिए भाजपा का डैमेज कंट्रोल सिरे नहीं चढ़ सका है। अब दोनों विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के लिए भितरघात बड़ा खतरा बन गया है। उपचुनाव के लिए बागियों को जिम्मेवार ठहराकर कांग्रेस सरकार दस में से पूरी की छह गारंटियाें को सीढ़ी बना जीत तलाश रही है। लाहौल-स्पीति और धर्मशाला के उपचुनाव में तीन-तीन प्रत्याशियों के आमने-सामने होने से मुकाबला दिलचस्प बन गया है। वर्तमान में हिमाचल की 62 सदस्यों की विधानसभा में कांग्रेस के 34 और भाजपा के 25 विधायक हैं। नालागढ़, देहरा और हमीरपुर विधानसभा से निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे का मामला अभी विधानसभा अध्यक्ष के पास विचाराधीन है। आने वाले दिनों में तीनों के इस्तीफे स्वीकार होने की स्थिति में यहां उपचुनाव के लिए कुछ माह इंतजार करना पड़ेगा। 

विज्ञापन

लाहौल स्पीति : 1,616 वोटों से जीते थे रवि
वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने लाहौल-स्पीति सीट 1,616 वोटों के अंतर से जीती थी। अब भाजपा के टिकट पर कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर चुनाव मैदान में हैं। कांग्रेस ने जिला परिषद लाहौल-स्पीति की अध्यक्ष अनुराधा राणा को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने महिला को टिकट देकर क्षेत्र की महिला मतदाताओं को साधने की योजना तैयार की है। टिकट कटने से नाराज होकर मारकंडा ने बतौर निर्दलीय चुनावी रण में उतर कर दोनों राजनीतिक दलों के समीकरण बिगाड़ने को ताल ठोक दी है। मारकंडा लाहौल-स्पीति से तीन बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार हिमाचल विकास कांग्रेस के टिकट पर 1998 में मारकंडा विधायक बने थे। 2007 और 2017 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। तीन बार विधानसभा की दहलीज लांघ चुके चुके पूर्व मंत्री मारकंडा का क्षेत्र में अपना अलग से भी वोट बैंक है। भाजपा और कांग्रेस के वोट बैंक में भी सेंधमारी का मारकंडा प्लान बना चुके हैं। भाजपा को यहां अपने समर्थकों को एकजुट रखनेे लिए अब नई रणनीति पर काम करना होगा। कांग्रेस को भी अपना वोट बैंक साध कर रखने के साथ जीत की दहलीज तक पहुंचने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

धर्मशाला : सुधीर की भाजपा में नई पारी 
धर्मशाला सीट कांग्रेस ने 2022 के विधानसभा चुनाव में 3,289 मतों के अंतर से जीती थी। वीरभद्र सिंह सरकार में मंत्री रह चुके सुधीर शर्मा अब भाजपा के प्रत्याशी हैं। कांग्रेस ने नगर निगम के पूर्व मेयर देवेंद्र सिंह जग्गी पर दांव खेला है। 2022 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले राकेश चौधरी ने उपचुनाव में धर्मशाला से बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरकर नए समीकरण बनाए हैं। चौधरी के चुनाव लड़ने के चलते सुधीर शर्मा को भितरघात का सामना करना पड़ सकता है। भाजपा के स्थानीय नेताओं को साथ लेकर चलना सुधीर के लिए सबसे बड़ी चुनौती रहेगी। चौधरी धर्मशाला में ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे के तौर पर जाने जाते हैं। इस वर्ग के सहारे ही चौधरी अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी देवेंद्र सिंह जग्गी को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का सबसे बड़ा सहारा है। प्रदेश सरकार पर बीते दिनों छाए सियासी सकंट के बादलों के लिए मुख्यमंत्री सीधे तौर पर सुधीर शर्मा को जिम्मेवार ठहरा रहे हैं। ऐसे में जग्गी की नैया पार लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं भी धर्मशाला में पूरी ताकत झोंकी हुई है। धर्मशाला में ओबीसी मतदाताओं की संख्या 35, अनुसूचित जनजाति की 23, सामान्य वर्ग की 22 और अनुसूचित जाति की 20 फीसदी संख्या है।

विज्ञापन

चार विस क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला 
सुजानपुर, गगरेट, बड़सर और कुटलैहड़ में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला है। सुजानपुर में भाजपा के राजेंद्र राणा के सामने कांग्रेस ने कैप्टन रंजीत सिंह राणा को उतारा है। कैप्टन रंजीत ने 2022 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 399 मतों के अंतर से राजेंद्र राणा सीट जीते थे। अब दोबारा से राजेंद्र राणा और कैप्टन रंजीत सिंह राणा आमने-सामने हैं। गगरेट में भाजपा के चैतन्य शर्मा को कांग्रेस के पूर्व विधायक राकेश कालिया चुनौती दे रहे हैं। बड़सर में भाजपा के इंद्रदत्त लखनपाल के सामने कांग्रेस ने जिला परिषद सदस्य रहे सुभाष चंद को चुनाव मैदान में उतारा है। कुटलैहड़ में भाजपा के देवेंद्र भुट्टो का मुकाबला कांग्रेस के युवा नेता और 2017 में विधानसभा चुनाव लड़ चुके विवेक शर्मा से है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed