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Energy Directorate HP: पंप स्टोरेज तकनीक से बिजली तैयार करेगा हिमाचल, सितंबर में आवंटित किए जाएंगे प्रोजेक्ट
Wed, 22 Jun 2022 11:25 AM IST
Krishan Singh
अनिमेष कौशल, शिमला
अनिमेष कौशल, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 22 Jun 2022 11:25 AM IST
सार
राज्य ऊर्जा निदेशालय ने निजी कंपनियों से प्रोजेक्ट लगाने के लिए आवेदन मांगे हैं। सितंबर से इस तकनीक पर काम शुरू करने की योजना है। ऑनलाइन टेंडर के माध्यम से सितंबर में प्रोजेक्ट आवंटित किए जाएंगे।
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बिजली।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश में पहली बार बांधों और जलाशयों पर पंप स्टोरेज पावर स्टेशन तकनीक से बार-बार बिजली का उत्पादन किया जाएगा। अधिक मांग होने या बिजली संकट के समय इस तकनीक से तुलनात्मक रूप से सस्ती और ग्रीन बिजली सप्लाई पैदा की जाएगी। बांध, जलाशयों से निकलने वाले पानी को रिसाइकिल कर बिजली उत्पादन किया जाएगा। राज्य ऊर्जा निदेशालय ने निजी कंपनियों से प्रोजेक्ट लगाने के लिए आवेदन मांगे हैं। सितंबर से इस तकनीक पर काम शुरू करने की योजना है। ऑनलाइन टेंडर के माध्यम से सितंबर में प्रोजेक्ट आवंटित किए जाएंगे।
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बिजली उत्पादन के लिए नए स्थान तलाशने के साथ-साथ चालू बिजली परियोजनाओं में भी इस तकनीक को शुरू किया जा सकेगा। एक निवेशक को 5,000 मेगावाट से अधिक क्षमता के प्रोजेक्ट नहीं दिए जाएंगे। 80 फीसदी हिमाचलियों को प्रोजेक्ट में नौकरी देना अनिवार्य रहेगा। ऊर्जा मंत्री सुखराम चौधरी ने बताया कि ग्रीन एनर्जी के रूप में सोलर, पवन और पंप पावर स्टेशन लगाने के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं।
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ऐसे काम करेगी पंप स्टोरेज पावर परियोजना
पंप स्टोरेज हाइड्रोपावर बिजली स्टोर करने का प्लांट होता है। इसमें पानी के दो जलाशय एक नीचे और दूसरा ऊपर बनाया जाता है। इनके बीच एलीवेशन ऐसा रखते हैं कि निचले जलाशय की तरफ बहता पानी टरबाइन से होकर निकलता है और उससे बिजली पैदा होती है। निचले जलाशय से ऊपर पानी पहुंचाने के लिए बिजली चाहिए होती है। इसके लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कभी भी पानी प्रवाहित कर बिजली बना सकते हैं।
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ऊर्जा राज्य में हो रहा 10,000 मेगावाट उत्पादन
देश में ऊर्जा नाम से विख्यात हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में 10,000 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। प्रदेश में 21,000 मेगावाट उत्पादन क्षमता है। जल विद्युत परियोजनाएं प्रदेश में बिजली उत्पादन का मुख्य स्रोत हैं। बिजली बोर्ड, एसजेवीएनएल, एनजेपीसी, एनटीपीसी प्रदेश में बिजली उत्पादन कर रहे हैं।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में हैं स्टोरेज स्टेशन
पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में छह पंप स्टोरेज पावर स्टेशन प्रोजेक्टों से बिजली बनाई जा रही है। अमेरिका बड़ी मात्रा में इस तरह से बिजली बना रहा है। ऊर्जा निदेशालय के अधिकारियों ने विस्तृत मंथन करने के बाद हिमाचल में भी इस प्रयोग को करने का फैसला लिया है।