मौसम: साच दर्रे में फंसे 20 लोगों को बचाया, प्रदेश में बारिश के आसार, अधिकतम तापमान में 10 डिग्री की कमी
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में गुरुवार को भी बारिश के आसार जताए हैं। 6 मई से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। सांगला-छितकुल मार्ग पर मंगलवार को बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आने के कारण 21 घंटे यातायात बड़े वाहनों के लिए बंद रहा।
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हिमाचल प्रदेश के येलो अलर्ट के बीच हुई बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग दारचा से आगे यातायात के लिए करीब 15 घंटे बंद रहा। चंबा से पांगी के लिए निकली दो टैक्सियां मंगलवार रात साच दर्रे में बर्फबारी से फंस गईं। देर रात इन टैक्सियों में सवार 20 लोगों को सुरक्षित बचाकर कर चंबा भेजा गया। बुधवार को धर्मशाला, ऊना, डलहौजी, चंबा, सिरमौर, सोलन और शिमला में बादल बरसे। प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के अधिकतम तापमान में सामान्य से 10 डिग्री की कमी होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने हिमाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में गुरुवार को भी बारिश के आसार जताए हैं। 6 मई से मौसम साफ होने का पूर्वानुमान है। सांगला-छितकुल मार्ग पर मंगलवार को बड़ी-बड़ी चट्टानें सड़क पर आने के कारण 21 घंटे यातायात बड़े वाहनों के लिए बंद रहा। बुधवार को उदयपुर-पांगी सड़क काढूनाला के पास भूस्खलन से ठप हो गई। पांगी-किलाड़ का संपर्क लाहौल और कुल्लू-मनाली से कट गया है। सैंज के देहुरीधार में एक मकान की छत तूफान आने से उखड़ गई। ओलावृष्टि से सेब की फसल को भी नुकसान हुआ है। धौलाधार पर्वत की ऊंची चोटियों पर हल्का हिमपात भी हुआ।
क्षेत्र अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान (डिग्री सेल्सियस में)
ऊना 31.8 22.2
कांगड़ा 31.4 18.9
बिलासपुर 30.0 22.5
धर्मशाला 30.0 19.4
हमीरपुर 29.8 20.7
नाहन 26.8 22.4
सोलन 25.0 15.0
चंबा 21.9 13.7
शिमला 20.9 9.7
कल्पा 19.4 5.2
केलांग 12.0 2.5
ओलावृष्टि से ठियोग की पंचायतों में सेब को नुकसान : महेंद्र
वहीं, हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि से ठियोग की कुछ पंचायतों में सेब की फसल को नुकसान हुआ है। बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल में अभी भी सूखे जैसे हालात हैं। सरकार इस पर नजर बनाए हुए है। प्रदेश में मंगलवार को हुई बारिश से सूखे से राहत नहीं मिली है। सरकार ने जिलों से सूखे की रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट को केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। गौरतलब है कि बारिश न होने से प्रदेश में 700 पेयजल योजनाओं का जलस्तर गिर चुका है। सूखे से हिमाचल में 60 फीसदी गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। सरकार ने उपायुक्तों से इस बारे रिपोर्ट मांगी है। गेहूं की फसल पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।