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Himachal Rain: हिमाचल में मानसून का कहर, 167 सड़कें ठप; मलबे में दबे तीनों मजदूरों के शव बरामद

Wed, 19 Aug 2026 10:53 AM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 19 Aug 2026 10:53 AM IST
सार

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मंगलवार शाम 6:00 बजे तक प्रदेश में 167 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 222 पेयजल योजनाएं और 130 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित रहे। भारी बारिश के चलते हमीरपुर के नादाैन व ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी रही।

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Himachal Weather: Monsoon rain havoc in Himachal: 279 roads blocked across the state; three laborers buried un
शिमला में भूस्खलन, पेड़ गिरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर कहर बरपा रहा है। राज्य में बीते 24 घंटों से लगातार जारी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। नदी-नाले उफान पर हैं। कमरऊ क्षेत्र के बागनाधार स्थितर खदान में मंगलवार को हुए भूस्खलन के बाद दूसरे दिन भी राहत एवं बचाव अभियान जारी रहा। मलबे में दबे तीनों मजदूरों के शव बरामद कर लिए गए हैं। मृतक की पहचान अनिल कुमार निवासी बड़वास व नेपाली मूल के धन सिंह (68) के रूप में बताई जा रही है, तीसरे की शिनाख्त की जा रही है।

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वहीं राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार मंगलवार शाम 6:00 बजे तक प्रदेश में 167 सड़कें बंद रहीं। इसके अतिरिक्त 222 पेयजल योजनाएं और 130 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित रहे। सबसे अधिक सड़कें मंडी व कुल्लू जिले में प्रभावित हैं।  भारी बारिश के चलते हमीरपुर के नादाैन व ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल के सभी शिक्षण संस्थानों में बुधवार को छुट्टी रही ।
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लगातार स्लाइडिंग के बीच तलाश जारी
 बागनाधार में हादसे के बाद से ही प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार मलबे को हटाकर अन्य दो मजदूरों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। मंगलवार को अचानक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा खिसकने से खदान में भारी मात्रा में मलबा आ गिरा था। इसकी चपेट में तीन मजदूर और वाहन आ गए थे। हादसे में अनिल कुमार निवासी बड़वास तथा नेपाली मूल के गजेंद्र सिंह (65) और धन सिंह (68) के मलबे में दबने की सूचना थी। हादसे में दो डंपर और एलएनटी मशीन भी मलबे में समा गई थी। बुधवार को सर्च अभियान के दौरान बचाव दल को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। घटनास्थल पर लगातार पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के कारण बचाव अभियान को बेहद सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।  घना कोहरा भी अभियान में बाधा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से एनडीआरएफ की टीम को भी रेस्क्यू अभियान में लगाया जा रहा है, ताकि मलबे में दबे शेष लोगों को जल्द बाहर निकाला जा सके। उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने हादसे के बाद बताया था कि प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों तक सुरक्षित तरीके से पहुंचना है। इसके लिए आवश्यक मशीनरी और संसाधन मौके पर जुटाए गए हैं। 


 

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भारी बारिश से परवाणू में अचानक सड़क धंसी, खाई में गिरने से बचा टिपर 
सोलन जिले के परवाणू और आसपास के क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश ने व्यापक असर डाला। कालका-शिमला रेललाइन पर कोटी और गुम्मा रेलवे स्टेशन के बीच भारी मात्रा में मलबा और पत्थर आने से रेल यातायात प्रभावित हुआ। सुरक्षा कारणों से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं। इनमें दो ट्रेनें शिमला, एक तारादेवी और एक कोटी रेलवे स्टेशन पर रोकी गईं। कोटी से यात्रियों को बसों के माध्यम से कालका भेजा गया। हालांकि बुधवार को सेवाएं बहाल हो गई हैं। वहीं, परवाणू शहर में कई स्थानों पर जलभराव हो गया और कई वाहन आधे तक पानी में डूब गए।  परवाणू के सेक्टर-5 स्थित ओल्ड कसौली सड़क पर एक टिपर खाई में गिरने से बाल-बाल बच गया। जिस जगह टिपर खड़ा था, वहां पर सड़क धंस गई। गनीमत रही कि उस दौरान टिपर में चालक नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। 

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धर्मपुर में मूसलाधार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा
धर्मपुर उपमंडल में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित होने लगा है। भारी बारिश के चलते क्षेत्र के नदी-नालों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, वहीं जगह-जगह मलबा, पत्थर और भूस्खलन आने के कारण एनएच-03 सहित कई संपर्क सड़कें यातायात के लिए बाधित हुईं। प्रदेश में भी लगातार बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है और कई मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना है। बारिश के कारण सड़क मार्गों पर पैदा हुई स्थिति को देखते हुए एनएच निर्माण कार्य में लगी कंपनी तथा लोक निर्माण विभाग मंडल धर्मपुर के अधिकारियों ने तत्काल मशीनरी और कर्मचारियों को मौके पर तैनात किया।  एसडीएम धर्मपुर जोगिंदर पटियाल ने बताया कि बारिश के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति को देखते हुए एनएच निर्माण कार्य कर रही कंपनी के पदाधिकारियों तथा लोक निर्माण विभाग मंडल धर्मपुर के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। 

कुल्लू में बारिश से जनजीवन प्रभावित
 जिला कुल्लू में बुधवार सुबह से बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह करीब 8 बजे से हो रही बारिश के चलते लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं सहित सरकारी और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को भी परेशानी झेलनी पड़ी। मूसलाधार बारिश के कारण जिला मुख्यालय कुल्लू की निकासी नालियां अचानक भर गईं। नालियों का पानी सड़कों और गलियों में बहने लगा, जिससे राहगीरों को आवाजाही में परेशानी हुई। लगातार बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी रही।

भारी बारिश से भट्टाकुफर में भूस्खलन, दो गाड़ियां मलबे में दबीं
शिमला के भट्टाकुफर में भारी बारिश से भूस्खलन हुआ है। इससे दो गाड़ियां मलबे में दब गई हैं। इससे यातायात भी बाधित हो  वहीं लंबिधार एंबुलेंस रोड पर भी भूस्खलन हुआ। इससे रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। जाखू मंदिर के नीचे दो विशाल पेड़ गिर गए, जिन्हें वन विभाग ने हटा दिया है।वहीं  पठानकोट-जोगेंद्रनगर नैरोगेज रेल ट्रैक की सुरक्षा को देखते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू मंडल ने 19 अगस्त से सभी चार ट्रेनों का संचालन अगले आदेश तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।

चकमोह में गिरा पेड़, मार्ग बाधित
भारी बारिश के कारण चकमोह में जालपा मंदिर से बाबा बालक नाथ पीजी कॉलेज की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग बाधित हो गया । बारिश के चलते एक बड़ा पेड़ सड़क के बीचोंबीच गिर गया, जिससे इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई। इस मार्ग से रोजाना कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के अलावा स्थानीय ग्रामीण और अन्य लोग भी आवागमन करते हैं। रास्ता बंद होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।

आज सात जिलों में बारिश का येलो अलर्ट
 हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा व सिरमाैर जिले के लिए आज ऑरेंज अलर्ट है। जबकि लाहाैल-स्पीति व किन्नाैर को छोड़कर अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट है। 20 अगस्त को ऊना, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व सिरमाैर जिले के लिए येलो अलर्ट है। 21 को ऊना, कांगड़ा, मंडी व सिरमाैर जिले में येलो अलर्ट है। 25 अगस्त तक प्रदेश के कई भागों में बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। इस अवधि में कुछ क्षेत्रों में भूस्खलन और बाढ़ आने की संभावना भी जताई गई है।

कहां कितनी बारिश
सुजानपुर टीहरा में 156.4, नयना देवी 138.6, नादौन 128.4, धर्मशाला 127.2, भरवाईं 118.0, कांगड़ा एयरो 111.0, पालमपुर 111.0, नगरोटा सूरियां  90.8, नाहन 76.0, शिमला 32.0, ऊना 39.0, मंडी 33.5, बिलासपुर 57.0, हमीरपुर 80.5, बरठीं 43.4, कसाैली 60.0, पांवटा साहिब 54.0 व नेरी में 94.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

मानसून सीजन में अब तक 205 लोगों को गंवानी पड़ी जान
इस मानसून सीजन में 30 जून से 19 अगस्त तक प्रदेश में आपदा की वजह से 205 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। 318 लोग घायल हुए हैं। 32 पक्के और 53 कच्चे मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 325 कच्चे-पक्के मकानों को आंशिक क्षति पहुंची है। इसके अलावा 14 दुकानों व 296 गोशालाओं को भी नुकसान पहुंचा है। इस अवधि के दाैरान 434 पालतु पशु-पक्षियों की माैत हो गई। प्रदेश में इस मानसून में नुकसान का आंकड़ा 11,03,326.75 लाख रुपये पहुंच गया है। 

बंगाणा उपमंडल में भारी बारिश से सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित
उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में भारी बारिश के चलते सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी। लोगों को खड्डों-नालों से दूरी बनाए रखने के लिए आग्रह किया। उपमंडल बंगाणा क्षेत्र में मंगलवार देर रात से भारी बारिश तथा तेज हवाओं के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नाले उफान पर चल रहे हैं। भारी बारिश के चलते उपमंडल बंगाणा अधिकारी एसडीएम सोनू गोयल ने  उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। सभी क्षेत्र वासियों को खड्डों-नालों से दूरी बनाए रखने के आग्रह किया है। 

बद्दी में भारी बारिश से दुकानों में घुसा पानी, राशन-कपड़े हुए खराब
 बुधवार सुबह बद्दी में हुई तेज बारिश से सड़कों के साथ-साथ दुकानों में भी पानी भर गया। इससे कई दुकानदारों का दुकानों में रखा सामान खराब हो गया। खासकर कपड़े व राशन की दुकानों में सबसे ज्यादा दिक्कतें आईं। पानी आने से जहां नए कपड़े गीले हो गए, वहीं राशन भी पानी से खराब हो गया है। फोरलेन निर्माण के समय नालियों की निकासी सही न होने से यह समस्या आई है। वहीं परवाणू शिमला फोरलेन पर भी कई जगह मलबा आया। वहीं देररात वाकनाघाट के समीप भी भारी मात्रा में पहाड़ी की तरफ से मलबा फोरलेन पर आ गिरा। इससे कुछ देर तक यातायात भी बाधित रहा।

जलस्तर बढ़ने से हथोल स्कूल में तबाही, चाहरदीवारी और खेल मैदान भी बहा
विद्यार्थियों को स्कूल पहुंचने के बाद मिऊना जिले में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक लगातार हुई भारी बारिश के बाद स्वां नदी उफान पर आ गई। इसके साथ ही जिले की विभिन्न खड्डों और नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया। कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बरसात के इस सीजन में यह पहला मौका है, जब स्वां नदी इतने अधिक उफान पर नजर आई। नदी और खड्डों का जलस्तर बढ़ने के चलते आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में भी चिंता का माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि तेज बारिश के दौरान नदी, खड्डों और नालों के समीप जाने से बचें ।

मसयाणा सड़क पर मलबे की चपेट में आने से बची निजी और एचआरटीसी बस
 हमीरपुर मसयाणा सड़क पर बुधवार को एचआरटीसी और निजी स्कूल बस मलबे की चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। यहां पर कोहली-चीलबाल फोरलेन निर्माण के लिए काटे गए पहाड़ अब खतरा बन गए है। मसयाणा चौक पर 90 डिग्री की सीध में किया गया कटान बरसात में भारी मुसीबत बन गया है। मसयाणा में पुराने सड़क मार्ग को काट कर अस्थायी सड़क तैयार की गई है लेकिन इस दौरान 90 डिग्री की सीधी कटिंग से खतरा बन गया है। मसयाणा के जंगल और मलबा एक साथ गिर रहा है लेकिन प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। यहां पर यातायात पूरी तरह से बहाल है। लगातार मलबा गिर रहा है जिससे हादसों का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जान जोखिम में डालकर लोग सफर कर रहे हैं यहां पर कभी हादसा हो सकता है। लोक निर्माण विभाग हमीरपुर के अधिशाषी अभियंता दीपक कपिल का कहना है कि जानकारी मिली है। जल्द ही यहां पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

रामपुर के डकालेढ़ में हुआ भूस्खलन, तीन गाड़ियां दबीं, हार्डवेयर स्टोर भी आया चपेट में
रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार रात को भारी बारिश हुई। नगर परिषद के डकोलढ़ वार्ड में बुधवार दोपहर अचानक पहाड़ी से भूस्खलन हो गया। भूस्खलन की चपेट में आने से हार्डवेयर का स्टोर और एनएच पांच पर खड़े तीन छोटे वाहन भी दब गए हैं। हालांकि, सड़क किनारे खड़े इन वाहनों में कोई सवार नहीं था। भूस्खलन से स्टोर में रखे लाखों के सामान को क्षति पहुंची है और कुछ देर तक नेशनल हाईवे पांच पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। रामपुर क्षेत्र में हुई भारी बारिश से अब कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं बढ़ रही हैं। बुधवार दोपहर करीब दो बजे रामपुर शहर से तीन किलोमीटर दूर डकोलढ़ में पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ। जहां यह भूस्खलन हुआ, उसके ठीक नीचे हार्डवेयर का स्टोर था, जिसमें लाखों रुपये का सामान रखा गया है। एकाएक हुए भूस्खलन की चपेट में आए स्टोर का सारा सामान बिखर गया और एनएच पर खड़ी तीन गाड़ियों पर स्टोर की छत और अन्य सामान आ गया। घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया और लोग इस भूस्खलन को देखकर घबरा गए।

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