हिमाचल विधानसभा: आरएसएस पर टिप्पणी मामले में सदन में विपक्ष का फिर हंगामा, वाकआउट
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक सदन को नहीं चलने दिया जाएगा।
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विधानसभा के मानसून सत्र के सातवें दिन बुधवार को कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर हंगामा और नारेबाजी की। आरएसएस पर टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायक को धमकाने का मामला प्रश्नकाल से पहले उठाने की मंजूरी नहीं मिलने पर करीब 35 मिनट तक नारेबाजी और विधानसभा अध्यक्ष के आसन का घेराव करने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वाकआउट कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि जब तक हमारी बात नहीं सुनी जाएगी, तब तक सदन को नहीं चलने दिया जाएगा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ कांग्रेस विधायकों की तीखी नोकझोंक भी हुई। सदन में माहौल गरमाने पर सत्ता पक्ष से मंत्रियों और विधायकों ने भी नारेबाजी की।
मंगलवार शाम को सदन में कांग्रेस के विधायकों की ओर से आरएसएस पर टिप्पणी करने के मामले में सदन बुधवार को भी गरमाया रहा। विपक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सदन में अपनी बात नहीं रखने देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया और नारेबाजी की। इसका सत्तापक्ष ने विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार भी सभी सदस्यों से बैठने का अनुरोध करते रहे। इस बीच विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। मंगलवार को कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने आरएसएस पर एक टिप्पणी की थी। उनकी इस टिप्पणी समेत भाषण को स्पीकर ने कार्यवाही से ही हटा दिया था।
इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले हंगामा करने लगा। स्पीकर विपिन सिंह परमार ने कहा कि मंत्री परिषद के सदस्यों को धमकाया जाए तो यह सही नहीं है। इस संबंध में मुझे सुबह मुझे चिट्ठी मिली है। सदस्य उनके चैंबर में आएं। इस पर विपक्ष फिर उग्र हो गया। नारेबाजी करते हुए कांग्रेस विधायक दल के सदस्य वेल में चले गए और उन्होंने आसन का घेराव किया। शोरशराबे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू किया गया। सत्ता पक्ष के विधायक मंत्रियों से सवाल पूछते रहे लेकिन मगर विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। 11 बजकर 35 मिनट पर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पूरा देश जुड़ा, मैं जिस कुर्सी पर बैठा न्याय करूंगा : परमार
सदन में विपक्ष के आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच जब अपनी बात नहीं कहने देने की बात विपक्ष लगातार उठाता रहा तो इस पर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से पूरा देश जुड़ा है। मुख्यमंत्री, विधायक और मंत्रीगण इस विचार से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री और पूरा केंद्रीय नेतृत्व इस विचार से जुड़ा है। हम किस विचार से जुडे़ हैं। यह हमारी व्यक्तिगत सोच है। क्या मैं इस विचारधारा को छोड़ दूं। मैं विचार से जुड़ा आदमी हूं पर जिस कुर्सी पर बैठा हूं, यहां से न्याय करूंगा।
विपक्ष से रायजादा-सुंदर, पक्ष से पठानिया ने की नारेबाजी
सदन के भीतर कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा, सुंदर सिंह ठाकुर और पक्ष की ओर से वन मंत्री राकेश पठानिया ने नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने राकेश पठानिया, वीरेंद्र कंवर मुर्दाबाद, गुंडों की सरकार नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष पर एकतरफा सुनवाई का आरोप लगाया। जवाब में मंत्री राकेश पठानिया ने कांग्रेस पार्टी मुर्दाबाद के नारे लगाए। इस दौरान कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि विधायक जगत सिंह नेगी को जान का खतरा है। उन्हें मार्शलों की सुरक्षा दी जाए। नेता विपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई।
प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही हंगामा
विधानसभा में मंगलवार शाम को सदन में कांग्रेस के विधायकों की ओर से आरएसएस पर टिप्पणी करने के मामले में सदन बुधवार को भी गरमाया रहा। विपक्ष ने प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही सदन में अपनी बात नहीं रखने देने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू किया और नारेबाजी की। इसका सत्तापक्ष ने विरोध किया। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार भी सभी सदस्यों से बैठने का अनुरोध करते रहे। इस बीच विपक्ष ने अपना विरोध जारी रखा। मंगलवार को कांग्रेस विधायक जगत सिंह नेगी ने आरएसएस पर एक टिप्पणी की थी।
उनकी इस टिप्पणी समेत भाषण को स्पीकर ने कार्यवाही से ही हटा दिया था। इस घटनाक्रम के बाद विपक्ष बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले हंगामा करने लगा। स्पीकर विपिन सिंह परमार ने कहा कि मंत्री परिषद के सदस्यों को धमकाया जाए तो यह सही नहीं है। इस संबंध में सुबह मुझे चिट्ठी मिली है। सदस्य उनके चैंबर में आएं। इस पर विपक्ष फिर उग्र हो गया। नारेबाजी करते हुए कांग्रेस विधायक दल के सदस्य वेल में चले गए और उन्होंने आसन का घेराव किया। शोरशराबे के बीच ही प्रश्नकाल शुरू किया गया। सत्ता पक्ष के विधायक मंत्रियों से सवाल पूछते रहे, मगर विपक्ष की नारेबाजी जारी रही। 11 बजकर 35 मिनट पर विपक्ष ने सदन से वाकआउट कर दिया।