हिमाचल: 518.90 करोड़ से चकाचक होगी समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क, केंद्र ने दी स्वीकृति
प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के समदो-काजा-ग्राम्फू खंड पैकेज-4 के लिए केंद्र सरकार ने 518.90 करोड़ की स्वीकृति दे दी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के समदो-काजा-ग्राम्फू खंड पैकेज-4 के लिए केंद्र सरकार ने 518.90 करोड़ की स्वीकृति दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसे लेकर सोशल मीडिया पर सूचना दी है। यह मार्ग मनाली-लेह और हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को आपस में जोड़ता है। सड़क की स्थिति सुधरने से पर्यटन को भी रफ्तार मिलेगी। केंद्र सरकार ने सामरिक महत्व के 209 किलोमीटर लंबे समदो-काजा-ग्राम्फू सड़क मार्ग को स्तरोन्नत करने का फैसला लिया है। हार्ड शोल्डर के साथ इंटरमीडिएट लेन में सुधार के लिए बजट को स्वीकृति दी गई है।
सालों से इस सड़क की दशा में सुधार के लिए पीडब्ल्यूडी और बीआरओ से बजट का आग्रह किया जा रहा था, लेकिन इस सड़क के महत्व को देखते हुए अब केंद्र सरकार ने इसे स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया है। यह मार्ग देश के दो महत्वपूर्ण मार्ग मनाली-लेह और हिंदुस्तान तिब्बत मार्ग को आपस में जोड़ता है। हालांकि यह सड़क साल में पांच महीने ही वाहनों के लिए खुला रहता है। नवंबर महीने में कुंजम दर्रे पर बर्फ पड़ जाती है, जिस कारण मार्ग बंद हो जाता है। गर्मियों में स्पीति घाटी सैलानियों की पहली पसंद रहती है। सैलानी शिमला-किन्नौर होते हुए काजा पहुंचते है और काजा से बाया कुंजम होते हुए पर्यटन नगरी मनाली में दस्तक देते हैं। लेकिन सड़क की हालत ठीक न होने से उन्हें भारी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।
बजट की स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार का आभार
इस मंजूरी से सड़क की स्थिति में सुधार होगा। हम केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का हिमाचल के लोगों की ओर से धन्यवाद करते हैं।
- राजीव बिंदल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष
चीन सीमा से सटे किन्नौर में लगेंगे बीएसएनएल के 50 नए टावर
वहीं, चीन सीमा से सटे जिला किन्नौर में बीएसएनएल ने 50 नए टावर लगाने का काम शुरू कर दिया है। अब इलाके में सिग्नल की समस्या नहीं रहेगी। अभी तक यहां बीएसएनएल ने अपने उपभोक्ताओं के लिए 35 मोबाइल टाॅवर स्थापित किए हैं। इनसे टापरी, रमणी, रैली, शुद्धरंग, रिकांगपिओ, कल्पा और पूह सहित अन्य स्थानों पर रहने वाले लोगों को लाभ मिल रहा था। अब बीएसएनएल नए वित्तीय वर्ष में किन्नौर में 85 मोबाइल टावर की उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करेगा। बीएसएनएल के अधिकारी अग्रेसन नेगी ने कहा कि मार्च माह में किन्नौर में भारी बर्फबारी होने से बिजली और टेलीफोन केबल को लाखों का नुकसान हुआ है। ज्ञाबुग, सुन्नम, तांगलिंग, पूह, डूबलिंग, नामज्ञा, लिप्पा, नाको, ताबो और काजा सहित अन्य गांवों में सिग्नल पहुंचा दिया है। केवल छितकुल गांव को सिग्नल से जोड़ना बाकी है।