फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   himachal pradesh tourism department eill no give license for tree house as home stay

विभाग ने दिया झटका: ट्री हाउस के लिए होम स्टे का लाइसेंस नहीं मिलेगा

Tue, 16 Nov 2021 12:39 PM IST
अरविन्द ठाकुर रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
रोशन ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 16 Nov 2021 12:39 PM IST
सार

अब ट्री हाउस होमस्टे में पंजीकृत नहीं होंगे। कारोबारियों को ट्री हाउस को होटल या फिर रेस्ट हाउस में पंजीकरण करना होगा।

विज्ञापन
himachal pradesh tourism department eill no give license for tree house as home stay
ट्री हाउस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुल्लू में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए लोगों की ओर से ट्री हाउस का निर्माण किया जा रहा है। जिन्हें पर्यटन विभाग होम स्टे में न तो पंजीकरण करेगा और ही न ही लाइसेंस देगा। जिला कुल्लू की बंजार और तीर्थन घाटी में करीब एक दर्जन ट्री हाउस हैं। इसमें आधे संचालित हैं और इतने का ही निर्माण हो रहा है। 

विज्ञापन


पर्यटन कारोबारियों ने पर्यटकों को रिझाने के लिए ये नई तरकीब निकाली है। पर्यटकों को प्राकृतिक सुंदरता के नजारों से अगवत करवाने के लिए पिछले एक साल से ट्री हाउस का निर्माण बढ़ा है। ट्री हाउस खासकर देवदार, कायल और चील के पेड़ों पर तैयार किया जाता है। पर्यटक इसे काफी पसंद करते हैं और सैलानियों की रुचि बढ़ता देख कारोबारियों ने भी ट्री-हाउसों पर अधिक फोकस करना शुरू कर दिया है, लेकिन अब पर्यटन विभाग ने इन झटका दिया और 
विज्ञापन


अब ट्री हाउस होमस्टे में पंजीकृत नहीं होंगे। कारोबारियों को ट्री हाउस को होटल या फिर रेस्ट हाउस में पंजीकरण करना होगा। इसका खुलासा तब हुआ जब जिला पर्यटन विभाग की एक टीम होम स्टे और रेस्टा हाउस के निरीक्षण के लिए बंजार घाटी पहुंची। जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू राजेश भंडारी ने कहा कि नियमों में ट्री हाउस का होम स्टे में पंजीकरण नहीं होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसका पंजीकरण होटल और रेस्ट हाउस में ही होगा। कुल्लू में करीब एक हजार के करीब होम स्टे हैं। इसी तर्ज पर ट्री हाउस को एक पेड़ पर लकड़ी से बनाया जाता है। इसमें बालकनी के साथ कमरा होता है। जिसमें पर्यटकों को सभी प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। 


ट्री हाउस में प्रतिदिन का 1500 से 2500 रुपये किराया रहता है। जिभी वैली डेवलपमेंट टूरिज्म एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित कुमार ने कहा कि घाटी में ट्री हाउस का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed