HP Police POP: चार परिवारों के आठ सगे भाई-बहनों ने पहनी वर्दी, पुलिस को मिले 1093 कांस्टेबल
प्रदेश पुलिस विभाग के परिवार में रविवार को 1093 पुलिस आरक्षी शामिल हो गए हैं। इनमें 822 पुरुष और 271 महिला आरक्षी हैं।
पीटीसी के परेड मैदान में भव्य परेड का आयोजन किया गया।
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पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में आरक्षी प्रशिक्षणार्थियों के दीक्षांत समारोह में 1093 आरक्षी प्रशिक्षणार्थियों में से चार परिवारों के आठ सगे भाई-बहन भी शामिल हैं। इनमें शिमला के जुन्गा के सगे भाई और बहन विक्रम और स्मृति, शिमला के मुकुल और मृदुल और इसी जिले के रामपुर के सौरभ और आरती के अलावा शाहपुर के सिहुंवा गांव के दो भाई रितेश और रिशव पासआउट हुए हैं।
पिता का सपना किया पूरा
शिमला के जुन्गा के भाई और बहन विक्रम और स्मृति ने देश की सेवा की शपथ ली। 2009 में पिता देविंद्र सिंह के देहांत के बाद मां पूजा देवी ने विक्रम और स्मृति की परवरिश की। माता पूजा देवी गांव के प्राथमिक स्कूल में वाटर करियर के पद पर सेवारत हैं। पिता हमेशा से बच्चों को पुलिस में भेजना चाहते थे। बच्चों ने इसे पूरा किया।
परिवार के छह सदस्य पुलिस में
शिमला की चड़गांव तहसील के क्लोटी गांव के दो भाइयों मृदुल और मुकुल ने डरोह में एक साथ पुलिस में सेवा की कसम खाई। उनके दो ताया इंस्पेक्टर और सब इंस्पेक्टर हैं। एक ताया के दो बेटे दिल्ली पुलिस में हैं तो दूसरे ताया के दो बेटे हिमाचल पुलिस में ही एचसी के पदों पर कार्यरत हैं। परिवार के आधा दर्जन लोग पुलिस में हैं।
बड़ा पद पाने की है ख्वाहिश
कांगड़ा की शाहपुर तहसील के सिहुंवा गांव के दोनों भाई रिशव धीमान और रितेश धीमान आज पासआउट हुए। दोनों भाइयों का सपना था कि वे पुलिस जवान बनें, वह आज पूरा हो गया। पिता लव कुमार गांव में ही फर्नीचर का काम करते हैं और माता रेणु देवी गृहिणी हैं। रिशव ने बताया कि वे पढ़ाई करके उच्च पद पर पाने की इच्छा रखते हैं।
बहन-भाई ने की विज्ञान की पढ़ाई
शिमला के रामपुर क्षेत्र के कुमफू गांव के भाई-बहन ने भी पिता का सपना पूरा किया। भाई सौरभ और बहन आरती की तैनाती से पिता रोशन लाल खुश हैं। सौरभ ने बीएससी मैथ की पढ़ाई रामपुर कॉलेज से की है, जबकि बहन आरती ने बीएससी बॉटनी की पढ़ाई रामपुर से की है। सौरभ शिमला के जुन्गा और बहन आरती बिलासपुर के बस्सी में सेवाएं देंगी।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में 22वां बैच पासआउट, मुख्यमंत्री ने परेड की ली सलामी
प्रदेश पुलिस विभाग के परिवार में रविवार को 1093 पुलिस आरक्षी शामिल हो गए हैं। इनमें 822 पुरुष और 271 महिला आरक्षी हैं। पीटीसी के परेड मैदान में भव्य परेड का आयोजन किया गया। 40 टुकड़ियों की परेड को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति के हाथ तालियां बजाते दिखे। दीक्षांत परेड के मौके पर सभी पासआउट होने वाले प्रशिक्षुओं को पीटीसी के एएसपी दिनेश शर्मा ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय डरोह में रविवार को आरटीसी के 22वें बैच के 1093 आरक्षियों की एक भव्य परेड का आयोजन किया गया। इन जवानों का प्रशिक्षण बीते साल सितंबर में शुरू हुआ था। लगभग 12 महीनों के प्रशिक्षण के बाद रविवार को यह प्रशिक्षु पासआउट हुए। प्रदेश पुलिस विभाग के प्रमुख पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने बताया कि एक साल तक चले प्रशिक्षण में उन्हें कानून की बारीकियों का विस्तार से अध्ययन करवाया गया।
इसके अलावा शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए तरह-तरह के मैदानी और अन्य प्रशिक्षण भी इन्हें दिए गए। उन्होंने कहा कि कानून की सीमाओं में रहते हुए ही एक अपराधी को हमारे संविधान में सजा की व्यवस्था है और एक पुलिस अधिकारी को भी इन्हीं सीमाओं की पालना करते हुए व्यवहार करना चाहिए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने भव्य परेड का निरीक्षण किया, उनके साथ पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू और परेड कमांडर आर्यन कंवर भी साथ रहे। सीएम ने प्रशिक्षण के दौरान अव्वल प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं और प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पुलिस प्रशिक्षुओं ने कमांडो ट्रेनिंग, कराटे, आंखें बंद करके हथियारों को खोलना और बंद करना, मग्स पीटी, बैंड प्रदर्शन किया।
जवानों ने तरह-तरह के करतब दिखाकर लोगों का मनोरंजन किया। पासआउट हुए जवानों को सात दिनों की छुट्टी दी है। वे 8 अक्तूबर को बटालियनों में रिपोर्ट करेंगे। इस मौके पर सीपीएस आशीष बुटेल, किशोरी लाल, विधायक गोमा, संजय चौहान, पूर्व विधायक जीवन पाल, कांग्रेस कार्यकर्ता, प्रधान डरोह, प्रधान बसकेहड़, पुलिस विभाग के बड़े अधिकारी, पासआउट हुए जवानों के परिजन और लोग मौजूद रहे।