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सर्विस कमेटी की बैठक नहीं होने से कर्मचारी यूनियन नाराज
Thu, 11 Mar 2021 06:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 11 Mar 2021 06:00 PM IST
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राज्य बिजली बोर्ड
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य बिजली बोर्ड की कर्मचारी यूनियन ने बीते डेढ़ वर्ष से सर्विस कमेटी की बैठक नहीं होने पर नाराजगी जताई है। राज्य पदाधिकारियों की बैठक में इसको लेकर बड़े आंदोलन में जाने का फैसला लिया गया है। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप खरवाड़ा ने कहा कि इस बैठक के नहीं होने से बोर्ड में नई भर्तियों के माध्यम से आए हजारों जूनियर टी-मेट, जूनियर हेल्पर, जूनियर आफिस असिस्टेंट (आईटी), जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (अकाउंट्स) और कंप्यूटर ऑपरेटरों की सेवा शर्तों से पदोन्नति जैसे मामले लटके पड़े है।
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यूनियन ने सरकार और बोर्ड प्रबंधन वर्ग के आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रति मानसिकता का भी संज्ञान लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज आउटसोर्स कर्मियों का व्यापक स्तर पर शोषण हो रहा है। कर्मचारियों का करोड़ों का ईपीएफ ठेकेदार डकार गए हैं। इन कर्मियों को उपभोग वस्तु समझ कर 10-11 वर्ष श्रम का दोहन कर घर का रास्ता दिखाया जा रहा है।
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प्रदेशाध्यक्ष ने मांग कि है कि इन आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार तेलंगाना राज्य की तर्ज पर स्थाई नीति बनाए। यूनियन के आरोप लगाया कि बोर्ड प्रबंधन वर्ग को सौंपी गईं 95 मांगो पर लंबे समय से चर्चा न होने से कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों से जुड़े मामले लंबित पड़े हैं। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है। यूनियन ने प्रबंधन वर्ग को 15 दिन का नोटिस सौंपते हुए चेताया है कि समय रहते यूनियन के साथ इन मांगो के बारे में बैठक बुलाई जाए नहीं तो कर्मचारी आंदोलन करने को विवश होंगे।
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