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बागवानी को हाईटेक बनाने के लिए बगीचों में लगाए वेदर स्टेशन
Wed, 23 Dec 2020 01:33 PM IST
अरविन्द ठाकुर
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विश्वास भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 23 Dec 2020 01:33 PM IST
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सेब बागवानी को हाईटेक बनाने के लिए शिमला जिले के प्रगतिशील बागवानों ने बगीचों में वेदर स्टेशन लगाए हैं। बागवानों का दावा है कि सेंसर से लैस इन वेदर स्टेशनों की मदद से मौसम के पूर्वानुमान के अलावा बगीचे की मिट्टी में नमी की जानकारी मिलेगी। बढ़िया फसल के लिए जरूरी चिलिंग ऑवर्स की स्थिति का भी पता चल सकेगा। तापमान में उतार-चढ़ाव के अलावा हवा की रफ्तार का भी अंदाजा लगेगा जिससे बगीचों में जरूरी छिड़काव के सही समय का निर्णय लिया जा सकेगा।
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वेदर स्टेशन से बागवानों को बगीचे के साल भर के मौसम का विस्तृत डाटा उपलब्ध होगा, जिससे अगले साल अच्छी फसल की तैयारियां की जा सकेंगी। ठियोग तहसील के बनाहर और कोटखाई के ढांगवी सहित जिले में 9 स्थानों पर ट्रायल के तौर पर वेदर स्टेशन स्थापित किए गए हैं। ट्रायल सफल रहता है तो आने वाले समय में इससे बागवानी के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन होंगे।
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सेब की बीमारियों का भी लगेगा पता
वेदर स्टेशन की मदद से सेब में लगने वाली बीमारियों का भी पता लग सकेगा। नमी के कारण पेड़ का पत्ता कितनी देर गीला रहा, जिसके बाद फंगस पनप गई, इसकी सटीक जानकारी मिलेगी। आवश्यकता अनुसार बागवान बीमारी पनपने से पहले ही जरूरी छिड़काव कर सकेंगे। सही जानकारी होने पर बागवान अनावश्यक छिड़काव नहीं करेंगे जिससे पैसे की बचत होगी।
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डाटाबेस की मदद से अच्छी फसल के लिए हो सकेगी तैयारी
ठियोग तहसील के बनाहर निवासी बागवान विशाल वेक्टा का कहना है कि वेदर स्टेशन की मदद से डाटाबेस तैयार होगा, जिससे अच्छी फसल के लिए समय से तैयारी की जा सकेगी। इसके अलावा भौगोलिक स्थिति के अनुसार वैरायटी बदलने और प्रूनिंग तकनीक में बदलाव का भी अनुमान लगेगा।
बीमारियां पनपने से पहले नियंत्रित करने में मिलेगी मदद
कोटखाई के कोकूनाला ढांगवी निवासी बागवान पंकज नेगी का कहना है कि वेदर स्टेशन की मदद से अच्छी फसल के लिए सही प्रबंधन की रणनीति तय करने में मदद मिलेगी। बीमारियों का पनपने से पहले पता चलेगा, समय रहते स्प्रे कर बगीचों को बीमारी से बचाया जा सकेगा।
फलदार पौधों के लिए अब नहीं भटकेंगे प्रदेश के बागवान
प्रदेश के बागवानों को फलदार पौधों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। दिसंबर से फरवरी तक बागवानों को नए बगीचे विकसित करने के लिए पौधे जुटाने में लग जाते हैं लेकिन उनको समय पर जरूरत के फलदार पौधे नहीं मिल पाते हैं। सरकार अब बागवानों से पहले फलदार पौधों की डिमांड मांगेगी। बागवान को विभाग को बताना पड़ेगा कि उसे किस प्रकार के फलदार पौधे चाहिए और कौन सी वैराइटी चाहते हैं।
बागवानों को डिमांड के साथ फलदार पौधों की 25 फीसदी राशि एडवांस में बागवानी विभाग के पास जमा करनी होगी। बागवानों डिमांड के फलदार पौधे प्रदेश सरकार बागवानी विभाग के एसएमएस और एचडीओ के दफ्तरों में प्लांट उपलब्ध कराएगी। बागवानों को फलदार पौधों की आपूर्ति के साथ ही शेष धनराशि भी विभाग को देनी होगी।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि बागवानों की जरूरत के फलदार पौधे सरकार की ओर से पहले ही उपलब्ध करवा दिए हैं। बागवानों को फलदार पौधों की डिमांड के साथ 25 फीसदी राशि अग्रिम जमा करनी होगी। ये फलदार पौधे विभाग के एसएमएस और एचडीओ के दफ्तर से हासिल किए जा सकेंगे।