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एक साल में उखड़ी हमीरपुर-शिमला एनएच की टारिंग, लोगों ने उठाए सवाल
Fri, 24 Jul 2020 10:52 AM IST
अरविन्द ठाकुर
नीरज महाजन, अमर उजाला नेटवर्क, भराड़ी (बिलासपुर)
नीरज महाजन, अमर उजाला नेटवर्क, भराड़ी (बिलासपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 24 Jul 2020 10:52 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
शिमला-हमीरपुर नेशनल हाईवे 103 पर की गई टारिंग एक साल के भीतर ही उखड़ना शुरू हो गई है। एनएच पर जगह-जगह गड्ढे पड़ गए हैं। वहीं लोनिवि ने एक साल के भीतर ही एनएच पर पैचवर्क का काम शुरू कर दिया है। लोगों का कहना कि इससे साफ है कि टारिंग कार्य में गुणवत्ता का ख्याल नहीं रखा गया है। उल्लेखनीय है कि कंदरौर के घुमाणी चौक से लेकर उखली तक सड़क को चौड़ा करने और सड़क की टारिंग के लिए सौ करोड़ से ज्यादा की राशि खर्च की जा रही है। पुलों को छोड़कर सड़क का अधिकतर काम पूरा हो चुका है। लेकिन टारिंग एक वर्ष के भीतर ही जगह-जगह से उखड़ गई।
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सड़क के बीचोंबीच कई जगहों पर गड्ढे पड़ गए हैं। टारिंग उखड़ने से लोग हैरान हैं कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद सड़क निर्माण के लिए इसकी गुणवत्ता आखिर क्या रही होगी? जो इतने कम समय में इस सड़क पर पैचवर्क करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में भी टारिंग का काम कर गड्ढे सही किए जा रहे हैं। रात को पैचवर्क का कार्य कर इस उखड़ी हुई टारिंग को दोबारा तारकोल से भरा जा रहा है। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठ रहे हैं।
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एनएच का काम ठेकेदार की ओर से करवाया जा रहा है। कंपनी ने टारिंग का काम पूरा कर दिया है। वहीं काम में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा गया है। पहले से जो रोड बना हुआ था, उसमें बीच की लेयर को उखाड़कर नहीं बनाया गया था। इस वजह से रोड उखड़ रहा है। उसमें ठेकेदार फिर से टारिंग का काम कर रहा है। - अरुण पठानिया, एसई लोनिवि शाहपुर एनएच सर्कल
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