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वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा: संस्थागत प्रसव कराने में चंबा फिसड्डी, हमीरपुर अव्वल
Mon, 04 Apr 2022 11:59 AM IST
अरविन्द ठाकुर
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
प्रवीण कुमार, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 04 Apr 2022 11:59 AM IST
सार
वर्ष 2020-21 में चंबा जिले की संस्थागत प्रसव करवाने की दर 61.41 फीसदी है जबकि हमीरपुर जिला 98.92 फीसदी संस्थागत प्रसव करवाकर प्रदेश भर में अव्वल रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
दो सालों में लगातार चंबा जिला संस्थागत प्रसव करवाने में प्रदेश भर में फिसड्डी रहा है। इसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग की प्रशासनिक वार्षिक रिपोर्ट में हुआ है। जिले में मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद संस्थागत प्रसव करवाने की दर 61 फीसदी से ऊपर नहीं बढ़ पाई है। प्रदेश के अन्य जिले 80 और 90 फीसदी से अधिक संस्थागत प्रसव करवाने में सफल रहे हैं।
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वर्ष 2020-21 में चंबा जिले की संस्थागत प्रसव करवाने की दर 61.41 फीसदी है जबकि हमीरपुर जिला 98.92 फीसदी संस्थागत प्रसव करवाकर प्रदेश भर में अव्वल रहा है। इसी तरह कांगड़ा ने 97.32, बिलासपुर ने 96.28, किन्नौर ने 82.91, कुल्लू ने 91.06, लाहौल स्पीति ने 77.53, मंडी ने 91.81, शिमला ने 95.45, सिरमौर ने 86.98, सोलन ने 94.53 और ऊना जिले ने 91.70 फीसदी संस्थागत प्रसव कराए हैं।
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आंकड़ों से पता चलता है कि प्रदेश में चंबा जिले की स्वास्थ्य सेवाएं कितनी सुदृढ़ हैं। गर्भवती महिलाओं को अपने प्रसव करवाने के लिए दर बदर भटकना पड़ रहा है। इसका मुख्य कारण चंबा में महिला विशेषज्ञों की कमी है। कहने के लिए सरकार ने चंबा मेें मेडिकल कॉलेज तो खोल दिया लेकिन यहां महिला रोग विभाग में मात्र एक विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई है।
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इस विशेषज्ञ को ओपीडी, ऑपरेशन थियेटर सहित वार्ड में उपचाराधीन मरीजों की जांच करनी पड़ती है। अधिकतर समय ओपीडी में महिलाओं को विशेषज्ञ की सेवाएं नहीं मिल पाती हैं। मेडिकल ऑफिसर ही ओपीडी में महिलाओं की स्वास्थ्य जांच करते हैं जबकि प्रसव करवाने का तजुर्बा विशेषज्ञ को होता है। इसकी वजह से जिले की गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए निजी अस्पतालों पर निर्भर हो गई हैं। संवाद
अस्पतालों में नहीं मिल रहे महिला विशेषज्ञ
चंबा जिले में चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, आठ नागरिक अस्पताल, 46 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 177 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। बावजूद इसके जिले में संस्थागत प्रसव काफी कम किए जा रहे हैं। गर्भवती महिलाएं गांव में दाइयों से या निजी अस्पतालों में प्रसव करवा रही हैं। अस्पतालों में उन्हें महिला विशेषज्ञ नहीं मिल रहे हैं।
90861 प्रसव दर्ज
प्रदेश में वर्ष 2020-21 में स्वास्थ्य विभाग ने 90861 प्रसव दर्ज किए। इसमें 83321 गर्भवती महिलाओं ने संस्थागत प्रसव करवाए जबकि अन्य गर्भवतियों ने घर में ही दाइयों से अपने प्रसव करवाए।
यह बात सही है कि चंबा मेडिकल कॉलेज में महिला विशेषज्ञ न होने से संस्थागत प्रसव कम हो रहे हैं। सरकार से बात करके प्रतिनियुक्ति पर महिला विशेषज्ञ चंबा में उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की जा रही है। - डॉ. रजनीश महाजन, मेडिकल एजुकेशन के निदेशक