फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: Now the posts of backlog will not be included in the recruitment for the current year

अब बैकलॉग के पदों को चालू वर्ष की भर्ती में शामिल नहीं कर सकेंगे महकमे

Mon, 05 Oct 2020 10:36 AM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 05 Oct 2020 10:36 AM IST
विज्ञापन
Himachal News: Now the posts of backlog will not be included in the recruitment for the current year
हिमाचल प्रदेश सरकार (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग के पदों को चालू वर्ष की भर्ती के पदों में शामिल नहीं किया जा सकेगा। प्रदेश के कार्मिक विभाग ने सूबे के सभी विभागों को आदेश जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। सभी विभागीय सचिवों, मंडलायुक्तों, उपायुक्तों, विभागाध्यक्षों और बोर्डों-निगमों के अध्यक्ष, एमडी व सचिवों और रजिस्ट्रारों से कहा है कि जो बैकलॉग के पद चालू वर्ष के लिए लाए गए हैं, उन्हें अलग या डिस्टिंक्ट ग्रुप मानते हुए सिर्फ उसी वर्ग के अभ्यर्थियों से भरा जाए।

विज्ञापन


प्रदेश के कई विभाग बैकलॉग पदों को लेकर असमंजस में थे। उन्होंने कार्मिक विभाग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। कुछ विभागों में भर्तियों को जो रिक्विजिशन राज्य लोक सेवा आयोग को भेजे थे, उसमें पिछले सालों के बैकलॉग के पदों को चालू वर्ष की भर्तियों में मिलाकर फिर आरक्षण के 50 प्रतिशत सीलिंग को ध्यान में रखते हुए पदों का निर्धारण किया था।
विज्ञापन


इससे अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए चिह्नित और आरक्षित सीटों की संख्या कम हो रही थी। जिस साल भर्ती के लिए आवेदन जारी हुए, उस आवेदन में आरक्षित वर्ग की सीटें चिह्नित कर दी गई थीं, लेकिन उस वर्ष उस पात्र अभ्यर्थी नहीं मिल सके। ऐसे में श्रेणी के पद खाली रह गए। इन्हें अगले वर्ष की भर्ती में शामिल कर लिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश में भर्ती आरक्षण में पचास प्रतिशत की सीलिंग है, जिसके तहत किसी भी तरह का आरक्षण कुल पदों के 50 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकता। ऐसे में विभाग बैकलॉग के पदों को चालू वर्ष की भर्ती के पदों के साथ मिलाकर उसके बाद कुल पदों में से आरक्षित वर्ग के पदों को चिह्नित कर रहे थे। इस वजह से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग के पदों की संख्या घट रही थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed