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हिमाचल: बीएसएल जलाशय में मेहमान परिंदों ने डाला डेरा, कर रहे अठखेलियां

Mon, 14 Nov 2022 02:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुंदरनगर (मंडी) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 14 Nov 2022 02:00 PM IST
सार

बीएसएल जलाशय के अलावा विदेशी परिंदे रिवालसर झील, सरकीधार स्थित कुंतभ्यो झील तथा नेरचौक के नलसर स्थित झील में भी अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं।

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Himachal News: Migratory Birds reached in Beas-Satluj link Sundernagar Reservoir
बीएसएल जलाशय में मेहमान परिंदे। - फोटो : संवाद

विस्तार

सर्दियों में बाहरी राज्यों के पर्यटक ही नहीं, विदेशी परिंदे भी प्रदेश की झीलों में दस्तक देते हैं। सुंदरनगर के बीएसएल जलाशय में प्रतिवर्ष सर्दियों के मौसम में विदेशी परिंदे डेरा डालते हैं। सर्दियां समाप्त होते ही ये परिंदे अपने मूल निवास के लिए प्रस्थान कर जाते हैं। बीएसएल जलाशय के अलावा विदेशी परिंदे रिवालसर झील, सरकीधार स्थित कुंतभ्यो झील तथा नेरचौक के नलसर स्थित झील में भी अठखेलियां करते देखे जा सकते हैं।

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इन परिंदों की खूबसूरती झीलों की सुंदरता को चार चांद लगा देती है। स्थानीय निवासी भी विदेशी परिंदों का बेसब्री से इंतजार करते हैं। भारी संख्या में पहुंचने वाले इन परिंदों को स्थानीय लोग सर्दियों का मेहमान पुकारते हैं। हजारों किलोमीटर दूर से उड़ान भरने वाले इन पक्षियों को जिला मंडी की झीलें सुहावनी लगती है। माना जाता है कि सुंदरनगर बीएसएल जलाशय में पहुंचने वाले अपेक्षाकृत छोटे आकार वाले पक्षी तिब्बत क्षेत्र से संबंध रखते हैं।
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नलसर, रिवालसर और कुंतभ्यो झील में आने वाले विदेशी परिंदे साइबेरिया के ठंडे इलाकों से आते हैं। इनके आने का सिलसिला नवंबर की शुरुआत में आरंभ हो जाता है। जलाशय की खूबसूरती को चार चांद लगाकर ये परिंदे मार्च-अप्रैल में अपने स्थायी ठिकानों की ओर रुखसत हो जाते हैं। इन दिनों प्रवासी परिंदों से बीएसएल जलाशय गुलजार है। बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए भी यह विशेष आकर्षण का केंद्र रहते हैं। डीएफओ सुंदरनगर सुभाष पराशर ने बताया ये परिंदे हर साल तिब्बत और साइबेरिया से यहां पहुंचते है।

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