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50 वर्षों में 31 से 86 फीसदी पहुंची हिमाचल की साक्षरता दर
Tue, 26 Jan 2021 05:00 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Tue, 26 Jan 2021 05:00 AM IST
सार
- प्रदर्शनी के माध्यम से दर्शाया गया हिमाचल के शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव
- स्कूल, कॉलेजों की संख्या में हुई बढ़ोतरी, गुणात्मक शिक्षा पर रहा जोर
- कोरोना संकट के दौरान शुरू हुई ऑनलाइन शिक्षा से भी करवाया अवगत
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पूर्ण राज्यत्व दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी में बीते 50 वर्षों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश ने बीते पचास वर्षों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रदेश की साक्षरता दर वर्ष 1971 में 31.96 प्रतिशत थी। 2021 में यह 86.60 प्रतिशत हो गई है। सोमवार को पूर्ण राज्यत्व दिवस पर रिज मैदान के दौलत सिंह पार्क में लगाई गई प्रदर्शनी में बीते 50 वर्षों के दौरान शिक्षा क्षेत्र में आए बदलाव चित्रों के माध्यम से दर्शाए गए।
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आंकड़ों से बताया गया कि स्कूल, कॉलेजों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई। गुणात्मक शिक्षा पर किस तरह विभिन्न योजनाएं शुरू कर जोर दिया गया। बीते वर्ष कोरोना संकट के दौरान सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शिक्षा से भी लोगों को अवगत करवाया गया।
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शिक्षा सचिव राजीव शर्मा ने बताया कि प्राइमरी स्कूल 10716, मिडल 2038 और वरिष्ठ व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों की संख्या 2797 हो गई है। पचास हजार से अधिक शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं। इनरोलमेंट में भी बढ़ोतरी हुई है। प्रदर्शनी से सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
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कोरोना संकट के दौरान सरकारी स्कूलों में करवाई गई ऑनलाइन पढ़ाई आकर्षण का केंद्र रही। दर्शाया गया कि किस तरह शिक्षकों ने डिजिटल सामग्री तैयार कर बच्चों तक मोबाइल फोन और दूरदर्शन के माध्यम से पहुंचाई। होमवर्क और परीक्षाएं किस प्रकार ली गईं।