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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: illegal building construction in shimla due to administration and govt negligence

शिमला: पहाड़ों पर बनते रहे बहुमंजिला भवन, सोया रहा प्रशासन

Sat, 02 Oct 2021 01:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Sat, 02 Oct 2021 01:46 PM IST
सार

सरकार और प्रशासन समय पर अवैध निर्माण करने वालों पर नकेल कसते तो कच्ची घाटी और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सात-आठ मंजिला मकान बनाने से रोके जा सकते थे।

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Himachal News: illegal building construction in shimla due to administration and govt negligence
कच्ची घाटी में भरभराकर गिरा भवन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकार और प्रशासन ने अवैध निर्माण रोका होता तो शिमला के कच्चीघाटी में लोग बेघर नहीं होते। पूर्व में वीरभद्र सरकार ने एक बार अवैध भवन तोड़ने शुरू भी किए थे। तब स्थानीय नेता और लोग सड़कों पर आंदोलन करने को उतरे थे। कच्ची घाटी में एक मकान तोड़ने के बाद तत्कालीन सरकार को लोगों के आंदोलन के बाद पीछे हटना पड़ा था। इसके बाद यहां पर कई बहुमंजिले भवन बना दिए गए।

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इन भवनों की सीवरेज व्यवस्था भी काम चलाऊ थी और लोग वर्षोँ से खतरे से साये में जीने को विवश रहे। घटना कच्ची घाटी में घटी है, जहां का पहाड़ कच्चा है। राजधानी शिमला के फिंगास्क इस्टेट में एक गेस्ट हाउस और एक बहुमंजिला निजी भवन निर्माण के दौरान ही ढह गए थे। इन हादसों में कई लोगों और मजदूरों को अकाल मौत का ग्रास बनना पड़ा था।
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कच्ची घाटी में बहुमंजिली इमारत दो मंजिला मकान के ऊपर ताश के पत्तों की तरह गिरी। गनीमत यह रही कि भावी खतरे को भांपते हुए पहले ही भवनों को खाली करा दिया था। अवैध निर्माण सिर्फ कच्ची घाटी में ही नहीं हुआ है बल्कि शहर के बीच में कृष्णानगर सहित कई अन्य इलाकों में ऐसे निर्माण कानून को धत्ता बताकर कर रखे हैं। इनमें से अधिकांश भवनों के नक्शे तक पास नहीं करा रखे।
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सरकार और प्रशासन समय पर अवैध निर्माण करने वालों पर नकेल कसते तो कच्ची घाटी और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सात-आठ मंजिला मकान बनाने से रोके जा सकते थे। दो तरफा लापरवाही के चलते दर्जनों लोग बेघर हुए हैं। कच्ची घाटी में अब भी कई भवन खतरे की जद में हैं और लोग घरों को खाली करने को विवश हैं।

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