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महंगाई की मार: स्पेयर पार्ट 50 फीसदी तक महंगे, 150 रुपये में लग रहा पंक्चर
Fri, 29 Oct 2021 12:19 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Fri, 29 Oct 2021 12:19 PM IST
सार
पिछले साल अक्तूबर माह के बाद स्पेयर पार्ट्स के रेट करीब 40 से 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। डीजल और लोहे के रेट बढ़ना इसका कारण बताया जा रहा है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महंगाई की मार से शिमला के बस ऑपरेटरों का कारोबार डगमगाने लगा है। बसों के स्पेयर पार्ट्स 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। टायर पंक्चर लगाने के ही अब 150 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं। डीजल के रेट बढ़ने के बाद बसों का रोजाना तेल खर्च 1100 से 1500 रुपये तक बढ़ गया है। कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन के बाद अचानक स्पेयर पार्ट्स के दामों में बढ़ोतरी हुई है। पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ने के बाद तो दामों में आग लग गई है।
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डीजल के दामों में भारी बढ़ोतरी से ऑपरेटरों के लिए बसों का संचालन मुश्किल हो गया है। शहर के लोकल रूटों पर रोजाना 150 से 170 किलोमीटर चलने वाली बस का डीजल खर्च करीब 1100 रुपये जबकि 200 किलोमीटर चलने वाली बस का डीजल खर्च 1500 तक बढ़ गया है। बसों के टायर पंक्चर बनाने के पहले जहां 100 रुपये रेट था अब बढ़ कर 150 रुपये हो गया है। गाड़ियों की मरम्मत की लेबर के रेट भी दोगुने हो गए हैं।
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डीजल की कीमतें बढ़ना मुख्य वजह: डीलर
हरविंद्रा ऑटो सर्विस टुटू के संचालक गुरमीत सिंह का कहना है कि पिछले साल अक्तूबर माह के बाद स्पेयर पार्ट्स के रेट करीब 40 से 50 फीसदी तक महंगे हो गए हैं। डीजल और लोहे के रेट बढ़ना इसका कारण बताया जा रहा है। उधार में सामान देना मुश्किल हो गया है। हर महीने रेट बदल रहे हैं। पहले रेट याद होते थे अब बेचने से पहले डिब्बा देखना पड़ता है। राज ऑटो मोबाइल मैहली के संचालक मुलक राज शर्मा का कहना है कि पेट्रोल डीजल के रेट बढ़ने से ट्रांसर्पोटेशन महंगा हो गया है। स्पेयर पार्ट्स के रेट 20 से 40 फीसदी तक बढ़ें है। लूब्रीकेंट ही 30 से 35 फीसदी तक महंगे हो गए हैं।
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डीजल पर सब्सिडी दे सरकार
पब्लिक के लिए परिवहन सुविधा जारी रखने को शहर के बस ऑपरेटर सरकार से डीजल पर सब्सिडी और सभी तरह के टैक्स माफ करने की मांग उठा रहे हैं। शिमला प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के पूर्व महासचिव अमित चड्ढा और मौजूदा महासचिव सुनील चौहान का कहना है कि यात्रियों पर किराये का बोझ न पड़े इसके लिए सरकार को तुरंत सब्सिडी पर डीजल 60 से 70 रुपये लीटर उपलब्ध करवाना चाहिए। सभी तरह के टैक्स माफ किए जाने चाहिए।
ऐसे बढ़ीं कीमतें
उत्पाद पहले अब
टायर 15400 20800 जोड़ा
इंजन ऑयल 210 280 प्रति लीटर
एयर फिल्टर 880 1340
चक्कों के लेदर 630 950
चक्कों के बैरिंग 800 2000
मेन पट्टा 1200 1780
ग्रीस 220 300
डीजल की कीमतें बढ़ने का ऐसे पड़ा असर
रूट डीजल की खपत खर्च पहले खर्च अब
संजौली से समरहिल 40 से 45 लीटर 3200 4300
पंथाघाटी से समरहिल 40 से 45 लीटर 3200 4300
मैहली से शोघी 50 से 55 लीटर 3500 4800
मैहली से जतोग 50 से 55 लीटर 3500 4800