फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal News: Budget not spent by zila parishad and panchayat samiti

बजट खर्च नहीं कर पा रही जिला परिषदें, पंचायत समितियां

Thu, 27 May 2021 02:00 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
विपिन काला, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 27 May 2021 02:00 PM IST
सार

जिला परिषदों और पंचायत समितियों को यह राशि 15 वें वित्तायोग ने हिमाचल को ग्रामीण विकास के लिए पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को जारी की थी। पंचायतें तो अपनी हिस्से की राशि का खर्च लगातार करती रहती हैं।

विज्ञापन
Himachal News: Budget not spent by zila parishad and panchayat samiti
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की जिला परिषदें और पंचायत समितियां ग्रामीण विकास के लिए दी गई करोड़ों की राशि खर्च नहीं कर पा रही हैं। प्रदेश की पंचायती राज संस्थाओं को अभी तक कुल 409 करोड़ की राशि दो किस्तों में मिल चुकी है। इनमें से 15 फीसदी राशि जिला परिषदों और 15 फीसदी राशि पंचायत समितियों को जारी की गई है। जिला परिषदों और पंचायत समितियों को यह राशि 15 वें वित्तायोग ने हिमाचल को ग्रामीण विकास के लिए पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को जारी की थी।

विज्ञापन


पंचायतें तो अपनी हिस्से की राशि का खर्च लगातार करती रहती हैं। जिला परिषदों और पंचायत समितियों ने अभी तक इस राशि को विकास कार्य पर खर्च नहीं किया है। 14 वें वित्तायोग ने हिमाचल के जिला परिषदों और पंचायत समितियों को ग्रामीण विकास के लिए धनराशि देनी बंद कर दी थी। जिला परिषदें और पंचायत समितियां गांवों के विकास के लिए पंचायतों के माध्यम से काम कराने लगी थी। 
विज्ञापन


क्यों आ रही है धनराशि खर्च करने में मुश्किल 
पंचायतें अपने स्तर पर काम कराने के लिए निविदाएं भी आमंत्रित कर लेती हैं और उनके पास तकनीकी स्टाफ भी मौजूद है। जबकि जिला परिषदों और पंचायत समितियों के पास तकनीकी स्टाफ की कमी है। विकास कार्यों के टेंडर लगाने में दिक्कतें आ रही हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच लाख के काम को नहीं मांगे ई-टेंडर 
जिप और पंस को विकास कार्य कराने में आसानी हो, इसके लिए सरकार अब पांच लाख से कम के काम के लिए ई-टेंडर नहीं मांगेगी। पांच लाख से ज्यादा के ई-टेंडर लगेंगे। छोटे काम स्थानीय युवक मंडल, महिला मंडल या अन्य स्वयं सहायता समूह से कराए जा सकेंगे। 


पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि  कि 15वें वित्तायोग की धनराशि जिला परिषद और पंचायत समितियां विकास में खर्च नहीं कर पाई हैं। अब पांच लाख से कम के साधारण टेंडर मांगे जाएंगे। तकनीकी स्टाफ भी जुटाया जा रहा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed