उपलब्धि: सेना में लेफ्टिनेंट बनकर हिमाचल के इन बेटों ने रोशन किया नाम
आदित्य बलौरिया ने एसएससी कमीशन में इलाहाबाद में 350 लड़कों में से प्रथम स्थान हासिल कर कमीशन पास किया। अब वह जम्मू कश्मीर के उधमपुर में अपनी सेवाएं देंगे।
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विधानसभा क्षेत्र शाहपुर के मच्छियाल गांव के आदित्य बलौरिया ने सेना में लेफ्टिनेंट बनकर शाहपुर का नाम रोशन किया है। शाहपुर तहसील के मच्छियाल गांव में चंद्ररेखा और प्रदीप बलौरिया के घर 1999 में जन्मे आदित्य बलौरिया की प्रारंभिक शिक्षा सेक्रेट हार्ट सीनियर स्कूल धर्मशाला में हुई। उसके बाद आदित्य ने कृषि विवि पालमपुर से बीएससी की शिक्षा ग्रहण की। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में अपनी रुचि दिखाते हुए फुटबाल और बैडमिंटन में नेशनल स्तर पर खेलों में भाग लिया। सेना के प्रति अपनी रुचि रखते हुए एनसीसी में भी सर्टिफिकेट हासिल किया। बचपन से ही देश की सेवा करने का जज्बा रखने वाले आदित्य बलौरिया ने एसएससी कमीशन में इलाहाबाद में 350 लड़कों में से प्रथम स्थान हासिल कर कमीशन पास किया। 30 जुलाई को चेन्नई में उनकी एक सैन्य अधिकारी के रूप में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्ति हो गई है। अब वह जम्मू कश्मीर के उधमपुर में अपनी सेवाएं देंगे।
सिद्धांत के कंधों पर माता-पिता ने लगाए सितारे
रक्कड़ कॉलोनी में रहने वाले सिद्धांत चावला लेफ्टिनेंट बन गए हैं। शनिवार को चेन्नई में हुई पासिंग आउट परेड में सिद्धांत के कंधों पर उनके माता-पिता ने बैज लगाए। सिद्धांत 19-राजपूताना राइफल्स बीकानेर राजस्थान में बतौर लेफ्टिनेंट सेवाएं देंगे। सिद्धांत मूल रूप से कांगड़ा जिले की हरिपुर तहसील मुख्यालय के नजदीकी गांव सपड़ू के रहने वाले हैं। वर्ष 2021 में एसएससी 113 (तकनीकी प्रवेश) में सिद्धांत का चयन हुआ। एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद तैनाती मिली है। प्रशिक्षण के दौरान रॉक क्लाइंबिंग में पहला स्थान पाने पर सिद्धांत को सम्मानित किया गया। सिद्धांत ने दसवीं तक पढ़ाई माउंट कार्मेल सीनियर सेकेंडरी स्कूल रक्कड़ कॉलोनी से की है। एसएसवीआरएम ऊना से 12वीं की पढ़ाई की। एसआरएम चेन्नई से बीटेक की डिग्री हासिल की। सिद्धांत के पिता डॉ. एसके चावला राजकीय महाविद्यालय से बतौर प्राचार्य सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता डाइट ऊना में रसायन प्रवक्ता हैं। बहन डॉ. श्रुति चावल मेडिकल कॉलेज सेक्टर 32 चंडीगढ़ में सर्जन हैं। सिद्धांत के दादा और नाना भी भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। सिद्धांत के पिता ने भी एनसीसी में बतौर मेजर सेवाएं दी हैं।
देहरा के अभिशांत गुलेरिया बने सेना में लेफ्टिनेंट
देहरा के रहने वाले अभिशांत सिंह गुलेरिया सेना में लेफ्टिनेट बने हैं। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग सेना अधिकारी एकेडमी चेन्नई से पूरी की है। जिला कांगड़ा के देहरा के गांव बिलासपुर के रहने वाले अभिशांत सिंह गुलेरिया ने अपनी जमा दो की पढ़ाई सैनिक स्कूल सुजानपुर से की है। उसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिमाचल विवि से की है। वह कारपोरेट क्षेत्र में काम करते थे, लेकिन सेना में उनका चयन होने पर उन्होंने यह नौकरी छोड़ दी है। उनके पिता बृज भूषण गुलेरिया अध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता अनिता गुलेरिया जवाहर नवोदय स्कूल पपरोला में अध्यापक के पद पर तैनात हैं। अभिशांत के लेफ्टिनेंट बनने पर इलाके में खुशी की लहर है।