फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal high court stay on financial benefits recovery from cook in police department

HP High Court: कुक के वित्तीय लाभ की वसूली पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Mon, 16 Jan 2023 07:28 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 16 Jan 2023 07:28 PM IST
सार

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि विभाग ने पहले वेतन निर्धारण करते हुए उसे वित्तीय लाभ दिया और 10 वर्ष बाद वेतन विसंगति का हवाला देते हुए वसूली के आदेश पारित कर दिए।

विज्ञापन
Himachal high court stay on financial benefits recovery from cook in police department
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में कार्यरत कुक के वित्तीय लाभ की वसूली पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने  सचिव गृह सहित पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 20 जनवरी को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता खेम राज ने याचिका के माध्यम से अदालत को बताया कि वर्ष 1986 में उसे अंशकालीन के आधार पर कुक तैनात किया गया था। वर्ष 2012 में उसे पिछली तिथि से दैनिक वेतन भोगी बनाया गया। उसे 57,612 रुपये का बकाया राशि की अदायगी भी की गई। 10 साल के बाद अब उससे इस वित्तीय लाभ की वसूली का निर्णय लिया गया है। दलील दी गई कि वेतन निर्धारण के समय की गई विसंगति होने पर अधिक अदा किए गए वेतन की किसी भी तरह से वसूली नहीं हो सकती। याचिकाकर्ता ने हिमाचल हाईकोर्ट और शीर्ष अदालत के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि चतुर्थ और तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों से वसूली नहीं की जा सकती है।  दलील दी गई कि विभाग ने पहले वेतन निर्धारण करते हुए उसे वित्तीय लाभ दिया और 10 वर्ष बाद वेतन विसंगति का हवाला देते हुए वसूली के आदेश पारित कर दिए। याचिकाकर्ता ने अदालत से गुहार लगाई है कि शीर्ष अदालत के निर्णय के अनुसार अधिक अदायगी के आदेशों को रद्द किया जाए।

विज्ञापन


नेरी पंचायत के चौकीदार के निष्कासन पर रोक 
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने नेरी पंचायत के चौकीदार के निष्कासन पर रोक लगा दी है। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह ने पंचायती राज विभाग और प्रधान को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के शीतकालीन अवकाश के बाद निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता सुरेंद्र कुमार ने ग्राम पंचायत नेरी के उस प्रस्ताव को चुनौती दी है, इसमें उसे निष्कासित किया जाना निर्धारित किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रधान ने व्यक्तिगत झगड़े के कारण यह निर्णय लिया है। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता के वेतन को भी उसने रोक रखा है। इससे पहले ग्राम सभा की बैठक में प्रधान के परिजनों ने याचिकाकर्ता से मारपीट की। इस घटना की शिकायत पुलिस को दी गई और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता के साथ हुई मारपीट का मामला अब अदालत में लंबित है। यही वजह है कि प्रधान ने बदले की भावना से याचिकाकर्ता को निष्कासित करने का निर्णय लिया है। अदालत को बताया गया कि जब याचिकाकर्ता का वेतन रोका गया तो इसकी शिकायत उपायुक्त शिमला को की गई। इस शिकायत पर उपायुक्त ने प्रधान को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। साथ ही याचिकाकर्ता के वेतन की अदायगी करने के आदेश दिए है। अदालत को बताया गया कि प्रधान ने मंगलवार को ग्राम सभा की बैठक बुलाई है जिसमें याचिकाकर्ता को बर्खास्त करने का निर्णय लिया जाना तय किया गया है। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों और दस्तावेजों का अवलोकन के बाद उसके बर्खास्त करने का निर्णय पर रोक लगा दी।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed