फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal High Court: Notice to Chief Secretary for not releasing water from dams in the provisions of Hydro Policy

हिमाचल हाईकोर्ट: हाइड्रो पॉलिसी के प्रावधानों में बांधों से पानी न छोड़ने पर मुख्य सचिव को नोटिस

Fri, 13 May 2022 06:19 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Fri, 13 May 2022 06:19 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने पंडोह और बरोट बांध से हाइड्रो पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार जरूरी मात्रा में पानी न छोड़े जाने के मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। देव भूमि पर्यावरण मंच के चेयरमैन की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। 

विज्ञापन
Himachal High Court: Notice to Chief Secretary for not releasing water from dams in the provisions of Hydro Policy
 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पंडोह और बरोट बांध से हाइड्रो पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार जरूरी मात्रा में पानी न छोड़े जाने के मामले में मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। देव भूमि पर्यावरण मंच के चेयरमैन की ओर से मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखे पत्र पर हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने इस मामले में प्रधान सचिव पर्यावरण, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उपायुक्त मंडी से भी जवाब तलब किया है। मामले की आगामी सुनवाई 31 मई को निर्धारित की गई है।

विज्ञापन


पत्र के माध्यम से आरोप लगाया गया है कि पंडोह और बरोट बांध से हाइड्रो पॉलिसी के प्रावधानों के अनुसार जरूरी मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इससे पेयजल स्रोत, सिंचाई स्रोत, झील और झरने सूखने की कगार पर हैं। हाइड्रो पॉलिसी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार हिमाचल प्रदेश में स्थापित सभी हाइड्रो प्रोजेक्ट, बांधों से 15 से 20 प्रतिशत पानी छोड़ा जाना अनिवार्य है। पत्र के माध्यम से दलील दी गई है कि हिमाचल प्रदेश की जनता पहले ही सूखे की मार झेल रही है। ऐसे में पंडोह और बरोट बांध से निर्धारित मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
विज्ञापन


आरोप लगाया गया है कि बांध प्रबंधन की ओर से राज्य सरकार को यह कह कर गुमराह किया जा रहा है कि बांध से हाइड्रो पॉलिसी और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों तहत जरूरी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में 655 ऐसे हाइड्रो प्रोजेक्ट हैं, जो पांच मेगावाट तक की बिजली का उत्पादन करते हैं। कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं जिनका बिजली उत्पादन कई मेगावाट में है। हिमाचल सरकार ने इन बांधो और प्रोजेक्टों से 15 प्रतिशत पानी छोड़ने बारे आवश्यक प्रावधान रखा गया है। केंद्र सरकार ने बांधो से पानी छोड़ने की प्रतिशतता को 20 से 30 फीसदी तक बढ़ाने का सुझाव दिया है ताकि जल स्रोत न सूखे। प्रार्थी ने अदालत से गुहार लगाईं है कि राज्य सरकार को आदेश दिए जाए कि वह सुनिश्चित करें कि पंडोह और बरोट बांध से 15-20 प्रतिशत पानी ब्यास और उहल नदी में छोड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed