Himachal High Court: न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए हिमाचल हाईकोर्ट ने किया 20 कमेटियों का गठन
मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक कमेटी में न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा देने के लिए भी पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए 20 कमेटियों का गठन किया है। इन कमेटियों के अध्यक्ष और सदस्य हाईकोर्ट के जज नियुक्त किए गए हैं। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली प्रशासनिक कमेटी में न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान को सदस्य बनाया गया है। वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा देने के लिए भी पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी के अध्यक्ष हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश होंगे और न्यायाधीश सबीना, न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान, राज्य सरकार के महाधिवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता जीडी वर्मा को सदस्य बनाया गया है।
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इसी तरह विभागीय सतर्कता और पदोन्नति कमेटी के अध्यक्ष न्यायाधीश सबीना के अलावा तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर को सदस्य बनाया गया है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के लिए भी सलाहकार समिति का गठन किया गया है। तीन सदस्यीय इस कमेटी में की अध्यक्षता न्यायाधीश सबीना करेंगी और न्यायाधीश संदीप शर्मा और न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह को इसका सदस्य बनाया गया है। हाईकोर्ट ने ई-कोर्ट कमेटी का भी गठन किया है। इसके अध्यक्ष न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान को बनाया गया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा इसके सदस्य बनाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने किशोर न्याय कमेटी का गठन भी किया है, जिसके अध्यक्ष न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान को बनाया गया है। इसमें न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल को सदस्य बनाया गया है। हाईकोर्ट ने वितीय समिति का गठन भी किया है जिसकी अध्यक्षता न्यायाधीश अजय मोहन गोयल को बनाया गया है इसमें न्यायाधीश सीबी बारोवालिया और न्यायाधीश सत्येन वैद्य को सदस्य बनाया गया है। हाई कोर्ट और अधीनस्थ न्यायालयों के कर्मचारियों के मामलों को सुलझाने के लिए भी हाईकोर्ट ने कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी के अध्यक्ष न्यायाधीश संदीप शर्मा को बनाया गया है न्यायाधीश सत्येन वैद्य और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा इसके सदस्य बनाए गए हैं।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बीच वरिष्ठता का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
अधीनस्थ न्यायालयों में कार्यरत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के बीच वरिष्ठता का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गौरव महाजन ने इस वरिष्ठता को चुनौती दी है। न्यायाधीश सबीना और न्यायाधीश सुशील कुकरेजा की खंडपीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सहित 11 प्रतिवादी बनाए गए जजों से जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 7 नवंबर को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ता ने अतिरिक्तजिला एवं सत्र न्यायाधीश सचिन रघु, राजेंद्र धीमान, हरीश शर्मा, प्रवीण चौहान, रणजीत सिंह, अविनाश चंद्र, प्रकाश चंद्र राणा, विवेक शर्मा, पंकज शर्मा, डॉ. अबीरा बासु और राजेश चौहान को प्रतिवादी बनाया है।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि 7 जून, 2002 को हिमाचल लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उसे अधीनस्थ जज नियुक्त किया था। 23 सितंबर, 2000 की को सिविल जज सीनियर डिवीजन के तौर पर पदोन्नत किया गया। 8 सितंबर, 2014 को प्रार्थी की सेवाओं को नियमित किया गया। प्रार्थी को उपरोक्त प्रतिवादियों से पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की तारीख से वरिष्ठता देते हुए कनिष्ठ दर्शाया गया। प्रार्थी के अनुसार 23 नवंबर, 2018 को कुछ अन्य न्यायिक अधिकारियों को सीनियर सिविल जज के पद पर पदोन्नत किया गया और उन्हें नियुक्ति से ही वरिष्ठता दी गई। प्रार्थी ने मांग की है कि उसे भी इन न्यायिक अधिकारियों की तरह पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करने की तिथि के बजाय नियुक्ति से ही वरिष्ठता दी जाए।