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Himachal High Court: बगशाड़ ही रहेगी उपतहसील, तत्तापानी की याचिका खारिज

Mon, 18 Sep 2023 05:50 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Mon, 18 Sep 2023 05:50 PM IST
सार

प्रदेश हाईकोर्ट ने तत्तापानी को उपतहसील का दर्जा दिए जाने के लिए दायर की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश राकेश कैंथला ने अपने निर्णय में कहा कि जनहित में लिए गए सरकार के फैसलों को चुनौती नहीं दी जा सकती है।

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Himachal High Court: Bagshad will remain sub tehsil, Tattapani's petition rejected
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने तत्तापानी को उपतहसील का दर्जा दिए जाने के लिए दायर की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश राकेश कैंथला ने अपने निर्णय में कहा कि जनहित में लिए गए सरकार के फैसलों को चुनौती नहीं दी जा सकती है। अदालत ने कहा कि सरकार को नीतियां बनाने में पूर्ण स्वतंत्रता दी जानी चाहिए। मनमाना, अनुचित या वैधानिक का उल्लंघन पर ही अदालत सरकार की नीतियों में हस्तक्षेप कर सकती है। जन कल्याण संघर्ष समिति ने करसोग तहसील की बगशाड़ को उप तहसील का दर्जा दिए जाने को हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी थी। आरोप लगाया गया था कि पंचायत की ओर से प्रस्ताव पारित करने के बावजूद तत्तापानी को उपतहसील का दर्जा नहीं दिया जा रहा है। अदालत को बताया गया कि राज्य सरकार ने 24 अगस्त 2021 को करसोग तहसील की बगशाड़ को उपतहसील का दर्जा दिए जाने की अधिसूचना जारी की थी।

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इससे छह पटवार वृत्त को मुश्किल हो रही थी। अदालत को बताया गया कि यह याचिकाकर्ता-समिति का गठन ग्राम पंचायत बिंदला, परलोग, शाकरा, थली, सहज, सविंधर और तत्तापानी के निवासियों ने किया था। 7 अगस्त 2021 को समिति ने तत्तापानी को उप तहसील का दर्जा दिए जाने के लिए मुख्यमंत्री को प्रतिवेदन किया था। लेकिन याचिकाकार्त समिति के प्रतिवेदन को स्वीकार किए बगैर ही बगशाड़ को उप तहसील का दर्जा दिया गया। अदालत के समक्ष दलील दी गई थी कि परलोग पंचायत के लोगों को बगशाड़ जाने के लिए 60 किलोमीटर का सफर करना पड़ेगा और इसी तरह बिंदला पंचायत के लोगों को 48 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकार के नीतिगत फैसले में हस्तक्षेप करने के साफ इंकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।

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