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Himachal Disaster: मुख्यमंत्री बोले- आपदा प्रभावितों को निशुल्क एलपीजी किट और राशन देगी हिमाचल सरकार
Sat, 16 Sep 2023 09:23 PM IST
Krishan Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Sat, 16 Sep 2023 09:23 PM IST
सार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने अब प्रभावित परिवारों के जरूरतमंद लोगों को निशुल्क घरेलू रसोई गैस कनेक्शन किट प्रदान करने का निर्णय लिया है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत व सहायता देने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निशुल्क घरेलू रसोई गैस कनेक्शन किट और राशन देने का निर्णय लिया है। आपदा की मार झेलने के बाद किराये के मकानों में रह रहे लोगों को संबंधित जिला नियंत्रक, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और खाद्य निरीक्षक वितरण सुनिश्चित करेंगे। निशुल्क राशन की सुविधा 31 मार्च, 2024 तक मिलेगी।
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प्रभावितों को एक एलपीजी सिलिंडर, प्रेशर रेगुलेटर, हॉट प्लेट, सुरक्षा पाइप मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कदम से प्रभावित परिवारों को बिना वित्तीय बोझ के खाना पकाने समेत अन्य सुविधाएं मिलेंगी। राशन पैकेज में 20 किलोग्राम गेहूं आटा, 15 किलोग्राम चावल, तीन किलोग्राम दाल, एक लीटर सरसों का तेल, एक लीटर सोया रिफाइंड तेल, एक किलोग्राम डबल फोर्टिफाइड नमक और दो किलोग्राम चीनी शामिल है।
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आपदा राहत व बचाव कार्यों में योगदान के लिए होगा सम्मान समारोह
हाल ही में भारी बारिश के कारण हिमाचल प्रदेश में आई आपदा के दौरान राहत व बचाव कार्यों में योगदान करने वाले व्यक्तियों, संस्थाओं और गैर सरकारी संगठनों को समर्थ-2023 अभियान के तहत सम्मानित किया जाएगा।अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यह अभियान 1 से 15 अक्तूबर तक चलाएगा, जिसमें लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाएगा।
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5 अक्तूबर, 2023 तक इन पुरस्कारों के लिए पात्र लोग, संस्थाएं और संगठन नामांकन कर सकते हैं। विजेताओं को एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सम्मानित करेंगे। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पात्रों की पहचान और नामांकन के लिए विभागाध्यक्षों एवं संबंधित जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं।
पीएम को पत्र लिखने पर सीएम ने जताया प्रियंका गांधी का आभार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त हिमाचल प्रदेश के मुद्दों की पैरवी प्रधानमंत्री नरेेंद्र मोदी से करने के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राष्ट्रीय आपदा घोषित करने, प्रदेश को आर्थिक मदद प्रदान करने और विदेशी सेब पर आयात शुल्क घटाने का फैसला वापस लेने जैसे प्रमुख मुद्दों को उठाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक इस आपदा में 428 लोग काल का ग्रास बने हैं। राज्य में 13,000 से अधिक मकान और भवन पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। शिमला से परवाणू राष्ट्रीय राजमार्ग और मंडी-मनाली राजमार्ग के बड़े-बड़े हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
राज्य की अनेक सड़कों, पेयजल आपूर्ति योजनाओं और विद्युत व्यवस्था को भी भारी क्षति पहुंची है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस आपदा के कारण अभी तक लगभग 12 से 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है। सुक्खू ने कहा कि इस आपदा की घड़ी में राज्य के लोग पीड़ित लोगों की सहायता करने के लिए आपदा राहत कोष में स्वैच्छिक योगदान कर रहे हैं। त्रासदी इतनी बड़ी है कि अकेले राज्य सरकार इससे हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकती। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि वर्ष 2013 की केदारनाथ त्रासदी की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में बरसात में आई इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए ताकि पीड़ितों को उचित सहायता मिल सके और प्रदेश में क्षतिग्रस्त अधोसंरचना का समुचित पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।