हिमाचल: कांग्रेस के प्रदेश सचिव करुण शर्मा समेत इन्होंने थामा आम आदमी पार्टी का दामन
कांग्रेस के प्रदेश सचिव करुण शर्मा ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। करुण शर्मा हिमाचल के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र से नामचीन चेहरा हैं।
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हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र आम आदमी पार्टी संगठन को मजबूती देने में लगी हुई है। प्रदेश में आप का कुनबा बड़ा होता दिख रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश सचिव करुण शर्मा ने आम आदमी पार्टी का दामन थामा। करुण शर्मा हिमाचल के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र से नामचीन चेहरा हैं।
प्रदेश प्रभारी रत्नेश गुप्ता ने गर्मजोशी से दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी में उन्हें शामिल कराया। करुण शर्मा ग्राम पंचायत सिद्धपुर सरकारी से प्रधान रह चुके हैं जो कि पालमपुर विधानसभा का एक बड़ा हिस्सा है। वे 1995 से 2021 तक लगातार प्रधान के पद पर रहे हैं।
प्रभारी रत्नेश गुप्ता के मुताबिक करुण शर्मा के साथ आने से हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी को फायदा मिलेगा। करुण शर्मा पहली बार 2008 में ब्लाक कांग्रेस कमेटी पालमपुर के मनोनीत अध्यक्ष बने थे। 2014 में संगठनात्मक जिला पालमपुर का पहली बार जिलाध्यक्ष का पद संभाला।
इन्होंने भी थामा आम आदमी पार्टी का दामन
नालागढ़ विधानसभा से मौजूदा जिला परिषद सरबजीत कौर, गगरेट विधानसभा से मौजूदा जिला परिषद रजनी बाला, दून विधानसभा से डाक्टर अंशु शर्मा व दून विधानसभा के गांव मलकुमाजरा से पूर्व ऊप प्रधान गुरदयाल सिंह और डॉक्टर अरुण कुमार ने आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
एनसीपी प्रदेशाध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र सिंह डोगरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। साथ ही उन्होंने पार्टी की सदस्यता भी समाप्त कर दी है। उन्होंने पार्टी में 20 साल तक सेवाएं दीं और आठ साल तक पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहे। उन्होंने किसान, पंचायतीराज व मजदूर संगठनों, राष्ट्रीय सचिव, तीन राज्यों में चुनाव पर्यवेक्षक तथा सह प्रभारी के रूप में काम किया है।
हालांकि, दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में इस्तीफा सौंपने के दौरान पार्टी पदाधिकारियों ने उन्हें विचार करने के लिए समय भी दिया, लेकिन डोगरा ने इस्तीफा दे दिया। पार्टी प्रमुख शरद पवार और तारिक अनवर ने 2015 में उन्हें प्रदेशाध्यक्ष बनाया था। डोगरा ने कहा कि दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में उन्होंने इस्तीफा दिया है। वह किसी भी पार्टी में नहीं जाएंगे और जनता के समर्थन से आजाद उम्मीदवार के रूप में ही उतरेंगे। उनकी प्राथमिकता समाजसेवा रहेगी।