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हिमाचल विस चुनाव: पंडित सुखराम परिवार के चक्रव्यूह में फंसी कांग्रेस, मुश्किलें बढ़ीं
Sat, 08 Oct 2022 12:01 PM IST
अरविन्द ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sat, 08 Oct 2022 12:01 PM IST
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आश्रय शर्मा (फाइल फोटो)
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विस्तार
पंडित सुखराम परिवार के चक्रव्यूह में कांग्रेस फंस गई है। पोते आश्रय शर्मा के इस्तीफे के बाद कांग्रेस के लिए अब मंडी सदर में आगे कुआं और पीछे खाई वाली स्थिति हो गई है। मंडी सदर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर की टिकट को लेकर पहले ही ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। कुछ और नाम सामने भी आ रहे हैं, जिन पर कांग्रेस दांव खेल सकती है।
ऐसे में यदि चंपा ठाकुर को टिकट नहीं दिया जाता तो यहां बगावत के आसार हैं। किसी और को मैदान में उतारना भी कांग्रेस के लिए कहीं अधिक चुनौती पूर्ण होगा। उधर, हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के सचिव तरुण पाठक ने आश्रय के इस्तीफे को लेकर कहा कि वह अब भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। आश्रय ने कभी भी कांग्रेस पार्टी के लिए दिल से काम नहीं किया।
पिछले लोकसभा चुनाव में मंडी संसदीय क्षेत्र से पंडित सुखराम की वजह से जोर जबरदस्ती कर पार्टी का टिकट लेने में सफल हो गए थे। इसमें उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था। बावजूद इसके कांग्रेस ने उन्हें पूरा सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आते ही कर्मचारियों की ओल्ड पेंशन भी लागू करेगी और अपनी 10 गारंटी भी पूरा करेगी। इसके लिए कांग्रेस को आश्रय के किसी ज्ञान की कोई जरूरत नहीं है। आश्रय ने जो भी आरोप लगाए है वह राजनीति से प्रेरित हैं।