Himachal: सीएम सुक्खू बोले- आपदा में भी केंद्र ने दिखाई बेरुखी, 1500 करोड़ की घोषण पर भाजपा माैन
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि एक तरफ जहां केंद्र सरकार विभिन्न हथकंडे अपनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, वहीं चुनी हुई सरकारों के साथ भी भेदभाव किया जा रहा है।
विस्तार
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल के प्रति केंद्र का रवैया बेरुखी भरा रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि एक तरफ जहां केंद्र सरकार विभिन्न हथकंडे अपनाकर लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, वहीं चुनी हुई सरकारों के साथ भी भेदभाव किया जा रहा है। सीएम सुक्खू ने नई दिल्ली में कहा कि हिमाचल प्रदेश ने वर्ष 2023 और अप्रत्याशित प्राकृतिक 2025 आपदा का सामना किया है। इससे प्रदेश को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र सरकार ने प्रदेश की कोई मदद नहीं की। राज्य सरकार ने मजबूती से अपना जायज हक मांगा पर केंद्र का पक्ष निराशाजनक और भेदभाव से ग्रसित रहा। उन्होंने आपदा प्रभावितों के लिए 4500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज लाकर उनकी मदद करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा तो की लेकिन यह राशि कब मिलेगी और कहां है, इसके बारे में भाजपा नेता मौन हैं। प्रदेश के भाजपा नेता राज्य का विकास नहीं चाहते, वह केंद्र से मिलने वाले हिमाचल के हर जायज हक को रोकना चाह रहे हैं। केंद्र सरकार ने हिमाचल को मिलने वाली ग्रांट में भारी कटौती की है। उन्होंने निरंतर अपने संसाधनों से अर्जित आय को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
हमने जब ओपीएस शुरू की तो केंद्र सरकार ने 1600 करोड़ रुपये की उधारी बंद कर दी, जिससे प्रदेश सरकार को तीन वर्षों में 4800 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान को वर्ष 2025-26 में घटाकर 3256 करोड़ रुपये तक सीमित कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने हिमाचल को मिलने वाली ग्रांट में भारी कटौती की है। वह निरंतर अपने संसाधनों से अर्जित आय को बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि पूर्व भाजपा सरकार प्रदेश पर 76185 करोड़ रुपये कर्ज छोड़कर गई, जिसके मूलधन का भुगतान और ब्याज की वापसी करनी पड़ रही है।
लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही भाजपा
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि भाजपा लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि आज से ठीक से 77 साल पहले जब लोकतंत्र की स्थापना की जा रही थी तो उस समय कांग्रेस पार्टी, जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी की सोच से जब लोकतंत्र स्थापित हो रहा था तो लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत इस देश की जनता को वोट डालने की ताकत दी गई थी। 77 साल तक कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने इस वोट की ताकत को बचाए रखने के लिए अपनी सरकारें बनाई भी और गंवाई भी हैं। भाजपा सरकार यहां आई तो इन्होंने लोकतंत्र को खरीदने का प्रयास किया। रविवार को मुख्यमंत्री सुक्खू ने नई दिल्ली में हुई कांग्रेस की महारैली में कहा कि लोकतंत्र में वोट की ताकत को कांग्रेस पार्टी ने संरक्षण दिया, उस वोट को खरीदने की किसी ने कोशिश की है तो वह भाजपा है। उस लोकतंत्र में वोट की ताकत को कमजोर करने का किसी ने प्रयास किया है तो वह भाजपा है। जब राहुल गांधी ने वोट चोर गद्दी छोड़ का नारा दिया था तो यह उस हिंदुस्तान की जनता के लिए दिया था, जहां वोट को चोरी कर लोकतंत्र को कमजोर कर सरकारें बनाई जाती हैं।