हिमाचल: अब शादी-कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे ज्यादा लोग, आशा वर्करों का मानदेय बढ़ा, जानें कैबिनेट के बड़े फैसले
कैबिनेट बैठक में सभी सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, राजनीतिक, सांस्कृतिक समारोहों सहित विवाह व अन्य समाराहों में लोगों की उपस्थिति की संख्या में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश कैबिनेट की बैठक बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कोविड-19 की बंदिशों में कुछ और रियायतें देने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा कई अन्य बड़े फैसले लिए गए। कैबिनेट बैठक में सभी सामाजिक, अकादमिक, मनोरंजन, राजनीतिक, सांस्कृतिक समारोहों सहित विवाह एवं अन्य समारोह में लोगों की उपस्थिति की संख्या में वृद्धि करने का निर्णय लिया गया। अब इंडोर या बंद जगहों में होने वाले समारोहों में कुलक्षमता के 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी।
इससे पहले यह शर्त 150 लोगों की थी। जबकि खुले स्थान पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में मैदान की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत लोगों की उपस्थिति की अनुमति दी जाएगी। अभी अधिकतम सीमा 250 थी। बैठक में आशा कार्यकर्ताओं को वर्तमान में दिए जा रहे अतिरिक्त मानदेय को 2000 रुपये से बढ़ाकर 2750 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया। इससे राज्य की लगभग 7964 आशा कार्यकर्ता लाभान्वित होंगी।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित किया जाएगा
पर्यटकों की भीड़ पर हिमाचल कैबिनेट ने चिंता जताई। कहा कि अगर कोरोना नियमों का पालन नहीं किया तो सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। कैबिनेट बैठक में निर्णय लिया गया है कि प्रमुख पर्यटन स्थलों पर उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक कोविड उपयुक्त व्यवहार सुनिश्चित करेंगे। कैबिनेट ने कांगड़ा जिले में 200 बिस्तरों की क्षमता वाले नागरिक अस्पताल नूरपुर के उचित प्रबंधन के लिए चिकित्सा अधीक्षक का एक पद सृजित करने का निर्णय लिया।
कोरोना से माता-पिता खोने वाले बच्चों को मिलेंगे हर माह 1500 रुपये
कैबिनेट ने कोविड-19 के कारण अपने माता व पिता दोनों को खोने वाले बच्चों को मुख्यमंत्री बाल उद्धार योजना के अंतर्गत लाने को अनुमति प्रदान की ताकि उन्हें प्रतिमाह 1500 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जा सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि अनाथ बच्चों और 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बिना प्रीमियम हिमकेयर योजना के तहत लाया जाएगा। इससे 1500 अनाथ बच्चे और 70 वर्ष से अधिक आयु वाले 16304 वरिष्ठजन लाभान्वित होंगे।
इन विभागों में भरे जाएंगे पद
जिला कांगड़ा के डॉ. राजेंद्र प्रसाद आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा में जन सुविधा के लिए 12.50 करोड़ रुपये की लागत से एमआरआई मशीन स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा इस महाविद्यालय के रेडियोग्राफी विभाग में रेडियोग्राफर के दो पद सृजित करने व इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट ने जिला मंडी के नेरचौक स्थित लाल बहादुर शास्त्री राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर, चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और मनोविज्ञानी का एक-एक पद, पैलिएटिव केयर सर्विसेज में चिकित्सा अधिकारियों के दो व स्टाफ नर्सों के पांच पद, चिकित्सा कैंसर सेवाओं में सहायक प्रोफेसर का एक पद और सामान्य शल्य चिकित्सा में सहायक प्रोफेसर का एक पद भरने की मंजूरी प्रदान की।
बैठक में जिला चंबा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के रूप में अपग्रेड करने व इस केंद्र के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न श्रेणियों के पांच पद भरने को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान महाविद्यालय एवं अस्पताल शिमला में प्रसूति एवं स्त्री रोग प्रोफेसर का एक पद सृजित करने व भरने की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने जनता की सुविधा के लिए जिला शिमला के कुफरी स्थित यातायात पुलिस सहायता कक्ष को स्थायी पुलिस चौकी में परिवर्तित करने को अपनी मंजूरी प्रदान की।
कर्मचारियों और आम जनता की सुविधा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के सिरमौर जिला के राजगढ़ स्थित विश्राम गृह में चार अतिरिक्त कमरों के निर्माण को मंजूरी प्रदान की गई है। मत्स्य पालन विभाग के बिलासपुर मुख्यालय में अतिरिक्त अथवा संयुक्त निदेशक का एक पद सृजित करने का निर्णय लिया जिसे हिमाचल प्रदेश प्रशासिनक सेवा (एचएएस) के अधिकारी से भरा जाएगा।
महंगाई पर नहीं मिली कैबिनेट में कोई राहत
प्रदेश में भले ही पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, लेकिन जयराम सरकार ने राजस्व के चक्कर में लोगों को राहत देने पर मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा तक नहीं की। राजधानी शिमला समेत कई शहरों में पेट्रोल के दाम सौ रुपये से पार होने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया था।
माना जा रहा था कि पेट्रोल डीजल पर वैट कम कर लोगों को राहत पहुंचाने का फैसला हो सकता है, लेकिन पड़ोसी राज्यों से वैट पहले ही कम होने और महंगाई राज्यकर की बजाय राष्ट्रीय कारणों की वजह से होने की दलील लोगों की मुश्किलें कम करने के फैसले पर हावी हो गई।