फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal Cabinet Decisions, One time pass map for building construction is now valid forever, one lakh fine fo

Himachal Cabinet: भवन निर्माण का एक बार पास नक्शा अब हमेशा के लिए मान्य, जबरन धर्मांतरण पर एक लाख जुर्माना

Wed, 10 Aug 2022 10:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Wed, 10 Aug 2022 10:43 PM IST
सार

बुधवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। अब एक बार भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करवाने के बाद हमेशा के लिए मान्य होगा।

विज्ञापन
Himachal Cabinet Decisions, One time pass map for building construction is now valid forever, one lakh fine fo
हिमाचल कैबिनेट की बैठक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में अब एक बार भवन निर्माण के लिए नक्शा पास करवाने के बाद हमेशा के लिए मान्य होगा। नक्शा पास करवाने के बाद अब कभी भी भवन का निर्माण किया जा सकेगा। इनमें व्यावसायिक भवनों के नक्शे भी शामिल होंगे। इसके अलावा अब जबरन धर्मांतरण पर एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा। बुधवार को विधानसभा परिसर में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में दोनों संशोधन विधेयकों के ड्राफ्ट को मंजूरी दी गई। ड्राफ्ट इस मानसून सत्र में ही सदन में पेश होंगे। सरकार कर्ज लेने की सीमा भी बढ़ाने जा रही है। इसके लिए राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (एफआरबीएम) विधेयक के ड्राफ्ट को भी स्वीकृति दी गई है। इस संशोधन विधेयक को भी इसी सत्र में पेश किया जाएगा। बैठक में टीसीपी संशोधन विधेयक 2022 की धारा-34 में संशोधन करने पर सहमति बनी है।

विज्ञापन


हालांकि नगर निगम शिमला के लिए पहले ही वर्ष 2007 में इस विधेयक की धारा-34 में संशोधन कर दिया था। टीसीपी में यह प्रक्रिया चल रही थी। पहले नक्शा पास करने के तीन साल के अंदर भवन निर्माण करना होता है। अगर इस अवधि में काम नहीं होता है तो लोगों को अवधि बढ़ाने के लिए टीसीपी में आवेदन करना होता है। तीन साल के बाद दो बार (साल दर साल) आवेदन करने होते थे। यह प्रक्रिया पांच साल तक चलती थी, लेकिन अब एक बार नक्शा पास होने के बाद वह हमेशा के लिए स्वीकृत माना जाएगा। गैरकानूनी धर्मांतरण के खिलाफ हिमाचल प्रदेश धर्म की स्वतंत्रता विधेयक 2019 में राज्य विधानसभा में पारित किया था। इसमें अधिकतम सात साल तक की सजा का प्रावधान तो था, लेकिन जुर्माने का प्रावधान नहीं था। अब 50 हजार रुपये और एक लाख रुपये के अलग-अलग अपराध जुर्माने की राशि को भी इसमें दर्ज किया जा रहा है।
विज्ञापन


राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का स्थान बदलेगा 
 हिमाचल प्रदेश में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का स्थान बदलेगा। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर चर्चा हुई कि पूर्व मंत्री प्रवीण शर्मा के देहांत के बाद इस कार्यक्रम का स्थान बदला जाना चाहिए। यह क्षेत्र उनके देहांत से शोकाकुल है। हालांकि, इस कार्यक्रम का स्थल बाद में तय होगा।  मंत्रिमंडल ने समीरपुर में जल शक्ति विभाग का मंडल खोलने की भी स्वीकृति दी। इसके अलावा कांगड़ा की उपतहसील कोटला में दो पटवार सर्कलों को मंजूरी दी। उप तहसील देहा में फायर पोस्ट खोलने, आईटीआई बंगाणा में तीन नए ट्रेड शुरू करने, आईटीआई गढ़बजूरा में मॉडल आईटी खोलने, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान तलवाड़ा में दो नए ट्रेड आरंभ करने जैसे कई निर्णय भी लिए गए।  
विज्ञापन
विज्ञापन


एसएमसी शिक्षकों को कैजुअल, मेडिकल लीव देने का एजेंडा टला
मंत्रिमंडल की बैठक में पीरियड आधारित एसएमसी शिक्षकों को कैजुअल और मेडिकल लीव देने का एजेंडा फिर आगे टाला गया। इसका कारण शिक्षा सचिव के शिमला से बाहर होना बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने करीब दो सप्ताह पहले घोषणा की थी कि इस मुद्दे को अगली कैबिनेट में ले जाएंगे। इस बीच दूसरी कैबिनेट बैठक हो गई है, लेकिन यह मुद्दा फिर आगे टल गया। इन शिक्षकों के लिए अवकाश की कोई व्यवस्था नहीं है।  


धारा-118 के तहत खरीदी जमीन में निर्माण अवधि बढे़गी
हिमाचल में धारा-118 के तहत खरीदी जमीन में निर्माण अवधि बढ़ाई जाएगी। अभी तक धारा-118 में खरीदी जमीन में मकान या उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार ने दो साल की अवधि निर्धारित की थी। इसके बाद सरकार एक साल का समय और देती थी। इस तरह से निर्माण कार्य तीन साल में पूरा करना पड़ता था। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार धारा-118 में मानसून सत्र के दौरान 13 अगस्त को इस संबंध में संशोधन विधेयक लाने की तैयारी में है। इस संशोधन विधेयक में सरकार भूमि मालिकों को निर्माण के लिए तीन साल का समय देगी। इस दौरान अगर जमीन में निर्माण नहीं होगा तो दो साल की अवधि बढ़ाने की मंजूरी दी जा सकेगी।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed