फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Himachal assembly winter session: Tapovan will heat on these issues, 576 questions will be asked

हिमाचल विधानसभा शीत सत्र: इन मुद्दों पर तपेगा तपोवन, पूछे जाएंगे 576 सवाल

Thu, 09 Dec 2021 09:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन/धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, तपोवन/धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 09 Dec 2021 09:49 PM IST
सार

तपोवन में इस सरकार का यह आखिरी सत्र है। अगले साल चुनाव के बाद नई सरकार यहां शीतकालीन सत्र आयोजित करेगी। विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 10 दिसंबर को पहले शोकोद्गार होगा। 14 दिसंबर का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस होगा। सत्र के लिए तारांकित प्रश्नों की संख्या 388 है।

विज्ञापन
Himachal assembly winter session: Tapovan will heat on these issues, 576 questions will be asked
विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल विधानसभा का शीत सत्र शुक्रवार से धर्मशाला के तपोवन में शुरू होगा। यह तेरहवीं विधानसभा का तेरहवां सत्र होगा। 10 दिसंबर को सुबह 11:00 बजे शुरू होने वाला यह सत्र 15 दिसंबर तक चलेगा। इसमें पांच बैठकें होंगी। पहले ही दिन इस सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। उपचुनाव में चारों सीटों पर जीत से उत्साहित कांग्रेस शोकोद्गार के बाद सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख में नजर आ सकती है। महंगाई, बेरोजगारी, कोरोना और कर्मचारियों सहित अन्य मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्तारूढ़ भाजपा ने विपक्ष पर हावी रहने के लिए पहले ही अपने विधायकों को ज्यादा से ज्यादा बिजनेस लाने के लिए कह दिया है। तपोवन में इस सरकार का यह आखिरी सत्र है। अगले साल चुनाव के बाद नई सरकार यहां शीतकालीन सत्र आयोजित करेगी। 

विज्ञापन

ये मुद्दे भी गूंजेंगे

विभिन्न विभागों में रिक्त पद 
पर्यटन, उद्यान, पेयजल आपूर्ति 
आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति निर्माण
बढ़ते आपराधिक मामले, सौर ऊर्जा, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य

576 सवाल पूछे जाएंगे

विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 10 दिसंबर को पहले शोकोद्गार होगा। 14 दिसंबर का दिन गैर सरकारी सदस्य कार्य दिवस होगा। सत्र के लिए तारांकित प्रश्नों की संख्या 388 है, जिसमें 307 ऑनलाइन और 81 ऑफलाइन प्राप्त हुए हैं। कुल 576 प्रश्न मिले हैं। अतारांकित प्रश्नों की संख्या 188 है, जिसमें 108 ऑनलाइन और 80 ऑफलाइन हैं। नियम-62 के तहत दो, नियम-101 में पांच और नियम-130 में 19 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। सवालों के दोहराव या अन्य कारणों से करीब 101 प्रश्न अस्वीकृत किए गए हैं।

विज्ञापन

पिछले वर्ष स्थगित करना पड़ा था सत्र 

वर्ष 2005 में धर्मशाला के प्रयास भवन में पहला शीतकालीन सत्र हुआ था। 2006 से तपोवन विधानसभा भवन में शीतकालीन सत्र हो रहा है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी के चलते शीतकालीन सत्र स्थगित करना पड़ा था।

विज्ञापन
विज्ञापन


कोरोना से निपटने के लिए की व्यवस्था 
परमार ने कहा कि कोविड-19 और इसके ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने के लिए विधानसभा सचिवालय, जिला प्रशासन और नगर निगम पूरी तरह से तैयार हैं। नगर निगम तपोवन विधानसभा परिसर को पूरी से सैनिटाइज करेगा। परिसर में प्रवेश होने से पूर्व सभी की थर्मल स्क्रीनिंग भी की जाएगी। 

एक बार में 75 आगंतुकों को ही जारी होंगे पास  
परमार ने बताया कि दर्शक दीर्घा में 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था है, लेकिन कोविड के चलते एक समय में 75 आगंतुकों को ही विधानसभा की कार्यवाही देखने के लिए पास जारी किए जाएंगे। 

सर्वदलीय बैठक में विस अध्यक्ष ने की सहयोग की अपील

Himachal assembly winter session: Tapovan will heat on these issues, 576 questions will be asked
सर्वदलीय बैठक - फोटो : अमर उजाला

विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने सर्वदलीय बैठक में सत्तापक्ष तथा प्रतिपक्ष के सभी सदस्यों से सत्र के संचालन में रचनात्मक सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि वह अपने दायित्व से पूरी तरह वाकिफ हैं। उन्होंने सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे सत्र के संचालन में अपना भरपूर सहयोग दें और समय का सदुपयोग जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए करें। उन्होंने कहा कि लोकसभा तथा विधानसभा लोकतंत्र के मंदिर हैं और हिमाचल प्रदेश विधानसभा की अपनी एक उच्च परंपरा व गरिमा है। बैठक में नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. हंस राज, मुख्य सचेतक बिक्रम सिंह जरयाल, उपमुख्य सचेतक कमलेश कुमारी, विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के चीफ जगत सिंह नेगी तथा विधानसभा सचिव यशपाल शर्मा मौजूद थे।

सीधे मंत्रियों से नहीं मिलेंगे प्रतिनिधिमंडल 
विधानसभा सत्र के दौरान लोग सीधा मंत्रियों से नहीं मिल पाएंगे। प्रतिनिधिमंडलों से मिलने के लिए मंत्रियों ने अपने प्रतिनिधि नियुक्त किए हैं। मंत्री इन नियुक्त प्रतिनिधियों को दाड़ी मैदान भेजेंगे। यहां पर प्रतिनिधिमंडल मंत्रियों के प्रतिनिधियों को अपने मांग पत्र सौंपेंगे। मंत्री पत्र पर अपनी स्वीकृति देकर मिलने का समय व स्थान निर्धारित करेंगे। इस प्रक्रिया के बाद ही प्रतिनिधिमंडल मंत्रियों से मिल सकेंगे।  

सरकार की मुश्किल बढ़ा सकते हैं सत्तापक्ष के विधायकों के चर्चा प्रस्ताव

शीत सत्र में इस बार विपक्ष के साथ-साथ सत्तापक्ष के विधायक भी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं। सत्र के पहले ही दिन शुक्रवार को इस पर चर्चा होनी है। सत्ता पक्ष के तीन विधायकों ने ऐसे विषयों पर चर्चा मांगी है, जिनसे जयराम सरकार सदन के अंदर असहज हो सकती है। इससे विपक्ष को सरकार को घेरने का मौका मिल सकता है। भाजपा विधायक रीता धीमान ने शूगर मिल न होने से इंदौरा क्षेत्र के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने में आ रही समस्याओं पर नियम 62 के तहत चर्चा मांगी है।

नरेंद्र ठाकुर और जीतराम कटवाल ने सड़कों के रखरखाव पर चर्चा मांगी है। चूंकि उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पहले से ही कांग्रेस विधायक दल के सदस्य सरकार को घेरने के लिए तैयार बैठे हैं। जयराम सरकार अपने पांचवें साल में इसी महीने कदम रख रही है। ऐसे में सत्ता पक्ष के विधायकों के इस तरह की चर्चाएं मांगने पर विपक्ष को बैठे-बिठाए सदन में सरकार को घेरने का मुद्दा हाथ लग सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed