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विधानसभा सत्र: तलाई सहकारी समिति में करोड़ों के घपले पर अब केसीसी बैंक पर भी जांच
Tue, 10 Aug 2021 12:39 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:39 PM IST
सार
झंडूता के भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने सवाल किया कि उन्होंने यही प्रश्न 2019 में भी पूछा था। 36. 90 करोड़ का घोटाला सामने लाया था।
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शहरी विकास और सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
तलाई ग्राम सेवा सहकारी समिति में करोड़ों के घपले मामले में कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की मिलीभगत होने के आरोपों की भी जांच होगी। यह जानकारी शहरी विकास और सहकारिता मंत्री सुरेश भारद्वाज ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा के सदन में प्रश्नकाल के दौरान झंडूता के भाजपा विधायक जीत राम कटवाल के सवाल के जवाब में दी। झंडूता के भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने सवाल किया कि उन्होंने यही प्रश्न 2019 में भी पूछा था। 36. 90 करोड़ का घोटाला सामने लाया था।
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उसके बाद अब वाले जवाब में 17 करोड़ रिकवर दिखाया गया। ग्राम सेवा सहकारी समिति में ये घोटाला हुआ। इसके साथ कांगडा बैंक के लोग भी इसमें शामिल थे तो क्या कार्रवाई की गई है? शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि तलाई ग्राम सेवा सहकारी समिति में 2017-18 में सहकारी विभाग ने जो ऑडिट किया गया उसमें 25 करोड़ 73 लाख के गबन का मामला पकड़ा गया। 2018-19 में चार करोड़ 78 लाख रुपये का गबन पाया गया।
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31 मार्च 2019 तक जो 36 करोड़ 90 लाख रुपये पकड़ा गया, उसे 31 मार्च 2019 तक की बैलेंस शीट में जमा किया गया। 17 करोड़ 70 लाख रुपये जमाकर्ताओं को वापस किया गया। इसमें एफआईआर भी की गई। सोसाइटी के सचिव और सहकारी सभा एक्ट में सरचार्ज की प्रक्रिया भी शुरू की। प्रबंध कमेटी के सदस्य सभी संपत्तियों को सोसाइटी के नाम कर रहे हैं। विभाग ने कहा है कि उनके खिलाफ सिविल सूट फाइल करें। सहकारी सभाओं में ऐसे घपले होते हैं। पकड़े जाते हैं। ऑडिट में भी बातें सामने आती हैं।
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सहकारी विभाग में जयराम ठाकुर सरकार के सत्ता में आने के बाद बहुत से सुधार किए गए हैं। नॉन मेंबर डिपॉजिट पर अब पहले सचिव भी सदस्यों के साथ पैसा जमा करवाते थे। अब इस प्रावधान में संशोधन किया गया है। सोसाइटी के ऑडिट के लिए एक्ट में संशोधन किया गया है। अब एमकॉम, बीकॉम, सीए आदि का ऑडिटर्स का पैनल बना लिया है। सोसाइटी ऑडिट करवाएगी और यह जरूरी होगा। बहुत से सुधार इस तरह से किए हैं। यह घपला कांग्रेस सरकार में हुआ। ऐसे घपलों को रोकने के लिए कंप्यूटरीकरण किया जा रहा है। हाईकोर्ट के सुझाव के मुताबिक काम हो रहा है। कोर्ट में चालान पेश किया गया। कांगडा केंद्रीय सहकारी बैंक में भी अगर कुछ हुआ तो इस बारे में भी जांच होगी।