विधानसभा: आपदा राहत पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, सत्ता पक्ष ने कहा- केंद्र ने नहीं की मदद
विधानसभा में आपदा पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर आपदा का मुद्दा छाया रहा। एक तरफ विपक्ष आपदा राशि आवंटन को लेकर सरकार को कोसता रहा वहीं, सत्ता पक्ष ने विपक्ष को खरी-खोटी सुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कहा कि केंद्र ने आपदा के दौरान पर्याप्त मदद नहीं की है। विधानसभा में आपदा पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे।
आपदा पर केंद्र की बेरुखी आई सामने : लखनपाल
विधायक इंद्रदत लखनपाल ने कहा कि आपदा पर केंद्र की बेरुखी सामने आई है। जब हिमाचल में आपदा आई तो केंद्र सरकार और विपक्ष ने मुंह फेर लिया। हजारों लोगों ने अपनी नेक कमाई से 250 करोड़ से अधिक की राशि आपदा कोष में जमा करवाई। उन्होंने कहा कि जब केंद्र से कोई मदद नहीं मिली तो सुक्खू सरकार ने 4500 करोड़ का पैकेज जारी किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार कर रहा है कि गारंटियां पूरी नहीं कीं। गारंटियां पूरी करने के लिए पैसा चाहिए होता है, लेकिन केंद्र से कोई मदद नहीं मिल रही। सुक्खू सरकार ने ओपीएस लागू की।
अभिभाषण में 90 फीसदी केंद्र की योजनाओं का जिक्र : सुखराम
भाजपा विधायक सुखराम चौधरी ने कहा कि अभिभाषण में केंद्र की 90 फीसदी योजनाओं का जिक्र किया या है। सुक्खू सरकार के कार्यकाल में कोई उपलब्धि नहीं है। सरकार ने जिन स्कीमों का जिक्र किया है, वह केंद्र सरकार की स्कीमें हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस झूठी गारंटी देकर सत्ता में आई है। इसका खामियाजा उन्हें लोकसभा चुनावों में भुगतना पड़ेगा। कांग्रेस ने लोगों को 300 यूनिट फ्री बिजली देने की गारंटी दी थी, लेकिन सरकार ने बिजली की दरों को बढ़ाकर लोगों को धोखा दिया है। बिजली की दरें बढ़ने से उद्योग हिमाचल से पलायन कर रहे हैं।
सरकार ने स्थापित किए एक साल में कीर्तिमानः किशोरी
विधायक किशोरी लाल ने कहा कि सरकार ने व्यवस्था परिवर्तन का एक साल पूरा किया हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो एक साल में कीर्तिमान स्थापित किया है, उसका वर्णन राज्यपाल के अभिभाषण में है। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान कर रही है। युवाओं को रोजगार देने के लिए ई-टैक्सी स्कीम शुरू की गई है। स्वरोजगार के अवसर विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों, अधिकारियों को न्यू पेंशन स्कीम में रखा गया था, उन्हें ओल्ड पेंशन स्कीम में लाया गया। इसके अलावा सरकार ने सुख आश्रय योजना भी शुरू की। उन्होंने कहा कि कांगड़ा को पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए 500 करोड़ की योजना शुरू की है। इसके अलावा पंचायत प्रतिनिधियों का भी सरकार ने मानदेय बढ़ाया है। वह इस अभिभाषण का समर्थन करते हैं।
सुरेंद्र का घर पूरी तरह नष्ट, मिले सिर्फ 20 हजार : हंसराज
विधायक डॉ. हंसराज ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि उन्होंने सोचा था राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की कुछ उपलब्धियां होंगी, लेकिन यह निराशाजनक रहा। उन्होंने कहा कि किस तरह का व्यवस्था परिवर्तन हुआ है, यह पता ही नहीं। बरसात में सुरेंद्र कुमार का घर पूरी तरह नष्ट हो गया, लेकिन राहत के तौर पर केवल 20 हजार की राशि मिली। जब सरकार बदलेगी तो सदन में इस पर भी चर्चा होगी कि निकम्मी सरकार कौन सी थी। ओपीएस को लेकर अपने ताया का उदाहरण रखते हुए उन्होंने कहा कि उनके ताया लोक निर्माण विभाग से बतौर मिस्त्री रिटायर हुए हैं। उन्हें विभाग की तरफ से पत्र आया कि 2 लाख जमा करवाओ, उसके बाद ओपीएस में आ जाओगे। उन्होंने पैसे उधार लेकर यह पैसा जमा करवाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सम्मानित व्यक्ति से झूठ बुलवाया है, यह ठीक नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
सरकार का कार्यकाल उपलब्धियों भरा : नंदलाल
कांग्रेस विधायक नंदलाल ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों भरा रहा है। उन्होंने कहा कि एक साल में सरकार ने बेहतर कार्य किए हैं, जब प्रदेश आपदा से जूझ रहा था तो सीएम ने लोगों के लिए राहत पैकेज का एलान किया।
लोगों को नहीं मिली राहत राशि : विनोद
भाजपा विधायक विनोद कुमार ने कहा कि अगर राज्यपाल के अभिभाषण में केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र नहीं होता तो भाषण के 42 पन्ने नहीं होते। उन्होंने कहा कि जो भी योजनाएं राज्यपाल के अभिभाषण में आई हैं, वह सभी योजनाएं मोदी सरकार के सहारे चल रही हैं। इससे जाहिर होता है कि राज्य सरकार ने एक साल में ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया, जिसे वह राज्यपाल के अभिभाषण में ला सकें। उन्होंने कहा कि आपदा में भारी नुकसान हुआ है, लेकिन लोगों को राहत राशि नहीं मिली है।
महिलाओं को दिया जा रहा 1500 रुपये : रामकुमार
कांग्रेस विधायक रामकुमार ने कहा कि पिछले एक साल में सुक्खू सरकार ने बेहतर काम किए हैं। जिन अधिकारियों, कर्मचारियों ने प्रदेश की सेवा में अपना पूरा जीवन दिया, उन्हें ओल्ड पेंशन स्कीम में लाया। सरकार ने अपनी गारंटी पूरा करते हुए इंदिरा गांधी महिला सम्मान योजना शुरू कर दी है। दो लाख 43 हजार महिलाओं को यह राशि दी जाएगी। सुख आश्रय योजना को हिमाचल में शुरू किया गया है।
पिछली बजट और राज्यपाल का अभिभाषण अलग-अलगः बलवीर
भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि बजट में सीएम ने एकल नारी योजना लाई थी, जिसमें सात हजार घर बनाने की घोषणा की थी। राज्यपाल के अभिभाषण में इसका जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को 1500 रुपये के लिए ठगा, लेकिन अब विधवाओं को भी ठगना शुरू कर दिया है। एक भी महिला का घर नहीं बना है। उन्होंने कहा कि सीएम को केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करना चाहिए, इसी से सड़कों की दशा सुधर रही है। आज के समय में जो हिमाचल में लोगों के घरों में नल लगे हैं वह जल जीवन मिशन के तहत लगे हैं। हिमाचल को 4200 करोड़ दिया गया है।
एक साल में हुआ हर वर्ग का विकास : राजन
चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस विधायक मलेंद्र राजन ने कहा कि एक वर्ष के कार्यकाल में सीएम सुक्खू के नेतृत्व में हर वर्ग के विकास के लिए काम हुआ है। हिमाचल की जनता के साथ जो वायदे किए थे. उनको पूरा किया जा रहा है। कर्मचारियों के साथ किया ओपीएस का वायदा भी पूरा किया है। महिलाओं के साथ जो वायदा किया है उसे सरकार चरणबद्ध तरीके से पूरा कर रही है। एक साल के कार्यकाल में एक बेहतर योजना लेकर आए, जो सुखाश्रय योजना है। 4 हजार के करीब बच्चों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। आपदा में फंसे लोगों को सीएम के हस्तक्षेप के बाद सेना के हेलीकाप्टरों से निकाला गया।
एक साल से गूंज रहा व्यवस्था परिवर्तन, हुआ नहीं
भाजपा विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि एक साल से हिमाचल की जनता में व्यवस्था परिवर्तन का शब्द गूंज रहा है, लेकिन परिवर्तन हुआ नहीं है। सरकार ने एक हजार से ज्यादा संस्थान बंद कर दिए। आपदा में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। उनके विधानसभा क्षेत्र में पांच स्वास्थ्य संस्थान बंद कर दिए। यह अभिभाषण सरकार के अधिकारियों द्वारा लिखा गया है, इसमें सच्चाई नहीं है। राज्यपाल ने मजबूरी में यह पढ़ा है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर लोगों को नौकरियों से निकाला गया।
विपक्ष छटपटा रहा ओपीएस गारंटी कैसे पूरी हुईः चंद्रशेखर
कांग्रेस विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि ओपीएस पर विपक्ष मौन है। विपक्ष सोच रहा है कि कांग्रेस ने कैसे गारंटी को पूरा किया है। इसी सोच में डूबे हैं। उन्होंने कहा कि यह हिम्मत सीएम को कांग्रेस विचारधारा से आई। जिस तरह का अभिभाषण राज्यपाल ने दिया, वह हकीकत है। व्यवस्था परिर्वतन शब्द बुनियाद है। शुरुआत में ही विपक्ष को दिक्कत होना शुरू हो गई है। अभी लंबा सफर है। पुरानी सरकार में चाय की दुकानों में नौकरियां बंट रही थीं। पेपर लीक में अभी और गिरफ्तारियां हो रही हैं। वहीं भाजपा विधायक इंद्र सिंह गांधी, विधायक आशीष शर्मा ने भी चर्चा मं भाग लिया।