फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   higher education department himachal pradesh: private institute fee slip compulsory for scholarship

छात्रवृत्ति के लिए देनी होगी निजी संस्थान की फीस स्लिप

Tue, 27 Jul 2021 12:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Tue, 27 Jul 2021 12:54 PM IST
सार

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में किए गए बदलावों को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं।

विज्ञापन
higher education department himachal pradesh: private institute fee slip compulsory for scholarship
छात्रवृत्ति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्र सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को दी जाने वाली पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में कई बदलाव कर दिए हैं। अब पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति आवेदन के साथ ही निजी शिक्षण संस्थान की फीस स्लिप भी देनी होगी। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने जिन कोर्सों में दाखिले लिए हैं, उस कोर्स में कुल कितनी सीटें हैं। इसकी जानकारी भी देनी होगी। कोरोना संकट के कारण सरकार ने विद्यार्थियों को बायोमीट्रिक हाजिरी से छूट दे दी है।

विज्ञापन


हालात ठीक होने तक रजिस्ट्रर पर ही रोजाना हाजिरी लगाने के लिए कहा गया है। उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना में किए गए बदलावों को लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया कि निजी और सरकारी शिक्षण संस्थानों में दाखिलों के समय ही नेशनल स्कालरशिप पोर्टल पर छात्रवृत्ति लेने के लिए विद्यार्थियों का पंजीकरण करवाना होगा।
विज्ञापन


एनएसएस स्वयंसेवियों की मदद से दसवीं और बारहवीं कक्षा पास करने के बाद पढ़ाई छोड़ देने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा लेने के लिए तलाशा जाएगा। इन विद्यार्थियों की पढ़ाई में अगर एक से दो साल का अंतर भी होगा तो भी इन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


निदेशालय ने शिक्षण संस्थानों को छात्रवृत्ति लेने वाले हर विद्यार्थी का रिकार्ड बनाने को भी कहा गया है। इसके लिए विशेष कमेटी बनाने और परामर्श के लिए विशेष केंद्र भी परिसरों में बनाने को कहा गया है। शिक्षण संस्थानों की ओर से सभी दस्तावेजों की जांच के बाद ही आवेदन नेशनल पोर्टल पर अपलोड करने होेंगे। वार्षिक आय के प्रमाणपत्र अभिभावकों के नाम पर होने चाहिए। विद्यार्थियों के नाम पर यह प्रमाणपत्र स्वीकार नहीं होंगे। जाति, आय और मेरिट के दस्तावेजों को आधार नंबर के साथ लिंक कर डिजिटल तौर पर भी संस्थानों को अपने पास रखना अनिवार्य किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed