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हाईकोर्ट के आदेश: दूरदर्शन केंद्र शिमला के आकस्मिक कर्मियों की सेवा स्थिति न बदला जाए
Thu, 21 Sep 2023 07:57 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 21 Sep 2023 07:57 PM IST
सार
ट्रिब्यूनल ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए आदेश दिए हैं कि आवेदकों की सेवा स्थिति को आगामी सुनवाई तक न बदला जाए। न्यायिक सदस्य रमेश सिंह ठाकुर ने सुरेश कुमार और अन्य के आवेदन की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए।
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विस्तार
दूरदर्शन केंद्र शिमला में कई वर्षों से सेवाएं दे रहे आकस्मिक कर्मचारियों को केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल (कैट) से बड़ी राहत मिली है। ट्रिब्यूनल ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए आदेश दिए हैं कि आवेदकों की सेवा स्थिति को आगामी सुनवाई तक न बदला जाए। न्यायिक सदस्य रमेश सिंह ठाकुर ने सुरेश कुमार और अन्य के आवेदन की सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए। इसके अलावा ट्रिब्यूनल ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, प्रसार भारती और दूरदर्शन केंद्र शिमला के निदेशक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की सुनवाई 9 अक्तूबर को निर्धारित की गई है।
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ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रसार भारती की ओर से विज्ञापित पदों के अनुबंध आधार पर भरने वाले विज्ञापन को चुनौती दी गई है। प्रसार भारती ने एक मार्च 2023 को अनुबंध आधार पर आवेदन आमंत्रित किए थे। उसके बाद 22 अगस्त और 11 सितंबर को दोबारा से विभिन्न पदों को अनुबंध आधार पर भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए। ट्रिब्यूनल के समक्ष दलील दी गई है कि आवेदक विभिन्न श्रेणियों पर कई वर्षों से आकस्मिक कर्मचारियोें के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। आवेदकों ने शिवकुमार बनाम हरियाणा मामले का हवाला देते हुए दलील दी कि प्रसार भारती अनुबंध कर्मचारी को अनुबंध भर्ती से बदल नहीं सकती है। ट्रिब्यूनल को बताया गया कि अधिकतर कर्मचारी 10 वर्षों से अधिक समय से दूरदर्शन शिमला केंद्र में कार्यरत हैं। आवेदकोें ने ट्रिब्यूनल से गुहार लगाई है कि शिमला दूरदर्शन केंद्र में अनुबंध आधार की भर्ती प्रक्रिया को रद्द किया जाए।
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