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Heat Wave: ऊना में तेज धूप से झुलसने लगीं फसलें, हरी सब्जियों पर मंडराया खतरा

Fri, 31 May 2024 06:25 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Published by: Krishan Singh Updated Fri, 31 May 2024 06:25 PM IST
सार

करीब 2000 हेक्टेयर जमीन पर मक्की और 1500 हेक्टेयर के आसपास जमीन पर हरी सब्जियां तैयार हो रही हैं।

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Heat Wave: In Una crops started getting scorched due to the scorching sun, green vegetables are in danger
ऊना में तेज धूप से झुलसने लगीं फसलें - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौसम की बेरुखी और दिनभर लू के थपेड़ों के साथ पड़ने वाली तेज धूप ने आम लोगों के साथ-साथ किसानों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। आलम यह है कि हर दूसरे-तीसरे दिन फसलों की सिंचाई होती है, फिर भी पौधों को बचाना चुनौती बना हुआ है। जानकारी के अनुसार जिले में करीब 2000 हेक्टेयर जमीन पर मक्की और 1500 हेक्टेयर के आसपास जमीन पर हरी सब्जियां तैयार हो रही हैं। हालांकि मक्की की पारंपरिक फसल की बिजाई बरसात का मौसम शुरू होने साथ होती है, लेकिन जिन इलाकों में सिंचाई सुविधा है। वहां अगेती फसल को तैयार किया जाता है।

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हरी सब्जियों में शिमला मिर्च, गोभी, भिंडी, बैंगन, फ्रांसबीन, घीया, कद्दू, खीरा आदि तैयार होती हैं। किसानों का कहना है कि सिंचाई बेशक कितनी भी कर लें, लेकिन फसलों के लिए बारिश खास महत्व रखती है। बारिश से अच्छे तरीके से फसल के पत्तों पर पानी गिरता है और मौसम भी सुहावना होता है, जिससे फसलों की वृद्धि में तेजी आती है। बारिश के बाद खाद व अन्य पोषक दवाइयों के इस्तेमाल से फसलें तेजी से बढ़ती हैं।
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किसान विनोद, रविंद्र, रक्षपाल, अमनदीप, अभिषेक ने कहा कि वर्तमान में उन्हें सिंचाई केवल इसलिए करनी पड़ रही है कि फसलें तेज धूप से झुलस न जाएं, लेकिन अगर पौधों की वृद्धि पर गौर करें तो यह पहले की तरह नहीं है। वहीं, पौधों के साथ खरपतवार भी तेज गति से बढ़ रहे हैं। इससे परेशानी दोगुनी हो चुकी है। कहा कि जो किसान डीजल से संचालित इंजन का इस्तेमाल कर सिंचाई करते हैं, उन्होंने तो इस बार फसल ही नहीं लगाई, क्योंकि अगर डीजल खरीदकर हर तीसरे दिन सिंचाई करें तो उनकी जेब में कुछ नहीं बचेगा।
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किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण
जिले में किसानों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इस समय बारिश की बहुत आवश्यकता है। हालांकि किसान सिंचाई के जरिए किसी तरह फसलों का बचाव कर रहे हैं, लेकिन बारिश का फसलों पर असर बेहतर तरीके से होता है। उम्मीद है कि जल्द बारिश होगी और आम लोगों के साथ किसानों को भी मौसम के लिहाज से राहत मिलेगी।
-डाॅ. कुलभूषण धीमान, उपनिदेशक, जिला कृषि विभाग।

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