अध्यापिका मौत मामला: धर्मशाला-शिमला एनएच ढाई घंटे रहा बंद, शव रखकर किया प्रदर्शन
निजी अस्पताल में अध्यापिका की ऑपरेशन के दौरान मौत पर भड़के परिजनों ने शुक्रवार को शिमला-मटौर एनएच पर पक्का भरो में सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया। इससे सरकारी समेत निजी बसें फंसी रहीं। यात्री ढाई घंटे तक बसों में ही बैठे रहे। कुछ यात्री पैदल ही बस स्टैंड तक पहुंचे। इससे पहले सुबह करीब पौने नौ बजे ब्राहलड़ी से शव को चारपाई पर उठाकर हमीरपुर आ रहे सैकड़ों ग्रामीणों को पुलिस ने नालटी गांव में रोकने के प्रयास किया।
ग्रामीणों के शांत न होने पर एक पुलिस अफसर ने पिस्तौल निकालकर हवा में लहराई। पिस्तौल देख लोग और भड़क गए और पुलिस को घेर लिया। अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। काफिले में शामिल गाड़ियों को रोकने से ग्रामीण चारपाई पर लाश को उठाकर करीब 20 किलोमीटर दूर पक्का भरो पहुंच गए।
संपर्क मार्गों से भी कई लोग वाहनों में पहुंचे और लाश को एनएच पर रखकर चक्का जाम कर दिया। सुबह साढ़े दस बजे चक्का जाम शुरू हुआ, जो दोपहर एक बजे पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद खोला गया। लोग पक्का भरो से अस्पताल में पहुंच गए और नारेबाजी की।
देर शाम को मृतक महिला का अंतिम संस्कार हुआ। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी, डीएसपी हेडक्वार्टर हितेश लखनपाल, डीएसपी रेणू शर्मा, एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान, एसएचओ संजीव गौतम, उपनिरीक्षक बलदेव सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल स्थित को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटा रहा। उधर, एसडीएम डॉ. चिरंजी लाल चौहान ने कहा कि पुलिस को मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।
सीएम जयराम ठाकुर वाया सुजानपुर निकले धर्मशाला
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का शुक्रवार को धर्मशाला उपचुनाव के चलते रैलियों का कार्यक्रम था। हमीरपुर में एनएच पर चक्का जाम के चलते मुख्यमंत्री का काफिला नादौन के बजाय वाया सुजानपुर गया। मुख्यमंत्री के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने पर लोगों ने रोष जताया। ब्राहलड़ी निवासी सुमन भारती ने कहा कि मुख्यमंत्री को घटनास्थल पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने चुनावी रैली को तवज्जो दी।
यह है मामला
ब्राहलड़ी गांव की अमिता कुमारी (39) पत्नी अरुण शर्मा का 9 अक्तूबर को हमीरपुर के निजी अस्पताल में रसोली का ऑपरेशन हुआ था। प्राइमरी स्कूल डुढाणा में शिक्षिका थी। बीते बुधवार को जब अमिता की ऑपरेशन के दौरान तबीयत ज्यादा खराब हो गई तो उसे मेडिकल कॉलेज टांडा रेफर कर दिया गया। निजी अस्पताल की एंबुलेंस मरीज को टांडा छोड़कर चली गई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने मरीज का चैकअप किया तो उन्होंने कहा कि महिला की मौत पहले ही हो चुकी है।
अध्यापिका की मौत पर अस्पताल पर गैर-इरादतन हत्या का केस
सरकारी स्कूल की अध्यापिका अमिता कुमारी (39) पत्नी अरुण शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने निजी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मुकदमा दर्ज किया है। अध्यापिका के पति अरुण शर्मा और ग्रामीणों की शिकायत और दिनभर चले प्रदर्शन के बाद पुलिस ने यह मुकदमा दर्ज किया।
इसके साथ ही डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल टांडा से अभी तक पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं फोरेंसिक विभाग और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने निजी अस्पताल से मृतक महिला का सारा रिकॉर्ड भी ले लिया है।
विशेषज्ञों की टीम इस मामले की जांच कर रही है। अगर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लापरवाही उजागर होती है तो निजी अस्पताल प्रबंधन की मुसीबतें बढ़ सकती हैं। अब सब लोगों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। इसके साथ ही पुलिस ने महिला के पति और अन्य शिकायतकर्ताओं के बयान भी कलमबद्ध कर लिए हैं। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से भी इस मामले में पूछताछ की है।
वहीं, डीएसपी हितेश लखनपाल और पुलिस थाना प्रभारी संजीव गौतम ने इस मामले को शांतिपूर्वक निपटाने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि, आक्रोशित भीड़ द्वारा पुलिस को धक्का देने और जबरन जुलूस निकालने के दौरान एक पुलिस अधिकारी ने आत्मरक्षा और लोगों को शांत करवाने के लिए खाली पिस्तौल तानी थी। सुबह नौ बजे गांव ब्राहलड़ी से शुरू हुआ यह धरना प्रदर्शन दोपहर एक बजे खत्म हुआ। जिसके बाद मृतक महिला का अंतिम संस्कार हो पाया।
बेटी का है जन्मदिवस
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत के आगोश में समाई अमिता की चार वर्षीय बेटी अनिका शर्मा का शनिवार को जन्मदिन है। माता-पिता लंबे समय से बेटी के जन्मदिन को धूमधाम से मनाने के लिए तैयारियां कर रहे थे। लेकिन, अनिका को क्या पता था कि जन्मदिन से पहले उसकी मां हमेशा के लिए उनसे दूर हो जाएगी। शुक्रवार को बेटी की मां अमिता कुमारी का ब्राहलड़ी स्थित गांव के श्मशानघाट में अंतिम संस्कार हो गया। उनकी मौत के बाद पूरे परिवार में शोक की लहर है।