चीन से सटे सीमांत क्षेत्रों में तीन हेलीपैड का निर्माण करेगी सरकार: डॉ. मारकंडा
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कृषि एवं जनजातीय विकास मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने कहा कि चीन से सटे सीमांत क्षेत्रों में सरकार तीन हेलीपैड का निर्माण कर रही है। हेलीपैड पिछड़ा क्षेत्र विकास योजना में बनाए जाएंगे। लाहौल-स्पीति के हल और गयू में हेलीपैड बनाया जाना है। कहा कि उनके खिलाफ स्थानीय महिलाओं की नारेबाजी को लेकर कांग्रेस बेवजह तूल दे रही है।मंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तीनों हेलीपैड के निर्माण पर एक-एक करोड़ से अधिक की रकम खर्च होगी। किसी भी महिला के खिलाफ कोई भी मामला दर्ज नहीं किया है। एक मामला दर्ज हुआ है। किसी भी महिला को नामजद नहीं किया है। गयू में प्रस्तावित हेलीपैड का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने को है। वीवीआईपी के अलावा सेना भी इनका उपयोग कर सकेगी। बागवानी और कृषि विकास भी पिछड़ा क्षेत्र विकास योजना का हिस्सा है।
कहा कि किन्नौर के करीब 120 किमी और स्पीति घाटी के 80 किमी सीमांत क्षेत्र को पिछड़ा क्षेत्र विकास योजना में शामिल किया गया है। 1999 से इन क्षेत्रों के विकास पर सरकार हर साल करोड़ों खर्च कर रही है। सीमांत क्षेत्रों में सड़कों के साथ सामुदायिक भवनों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। पर्यटन विकास के कार्य भी सरकार कर रही है। सरकार ने योजना के तहत हर साल दस-दस पंचायतों को चयनित कर इनमें अधोसंरचना व अन्य विकास कार्य करने शुरू किए हैं। हर साल करीब 30 करोड़ की रकम इन क्षेत्रों में खर्च की जा रही है। मारकंडा ने कहा कि स्पीति घाटी में पर्यटन विकास के मद्देनजर 4 जगह कैफेटेरिया का निर्माण होगा। प्रत्येक कैफेटेरिया पर 25 से 30 लाख खर्च किए जाएंगे। इन कैफेटेरिया को स्थानीय युवाओं को संचालन के लिए सौंपने बारे विचार किया जा रहा है।